Ramadan 2023: मुसलमानों के लिए सबसे पवित्र महीने रमजान की आरंभ होने वाली है. इस बार सऊदी अरब ने रमजान को लेकर मक्का और मदीना में नियमों का घोषणा किया है. नए नियमों के अनुसार कोई लाउडस्पीकर का उपयोग नहीं होगा, बिना आईडी के कोई एतिकाफ नहीं होगा, अजान का कोई लाइव टेलीकास्ट नहीं होगा और मस्जिदों के अंदर कोई इफ्तार नहीं होगा.
इस्लामिक मामलों के मंत्री, दावा और मार्गदर्शन शेख डॉ अब्दुललतीफ बिन अब्दुलअज़ीज़ अल-अलशेख ने 10 सूत्रीय दिशा-निर्देश दिए गए हैं. गवर्नमेंट ने नमाजियों से यह भी निवेदन किया कि वे बच्चों को मस्जिदों में न लाएं क्योंकि इससे नमाजियों को कठिनाई होगी और उनकी इज्जत समाप्त हो जाएगी. एतिकाफ इस्लाम में प्रथा है जहां लोग रमजान के आखिरी 10 दिनों के दौरान एक मस्जिद में अल्लाह की इबादत के लिए अपना समय समर्पित करने के इरादे से स्वयं को अलग कर लेते हैं.
इस्लामिक मंत्रालय ने बोला कि शाम के समय की इबादत तरावीह और रात की इबादत तहाज्जुद को पर्याप्त समय में पूरा किया जाए ताकि रोजेदारों को कोई दिक्कत नहीं हो. इसके अतिरिक्त मस्जिद के अंदर फोटोग्राफी और अजान के लाइव टेलीकास्ट पर भी रोक लगाई गई है. इसके अतिरिक्त रोजेदारों को बच्चों को मस्जिद के अंदर लाने पर रोक लगाई गई है. गवर्नमेंट का बोलना है कि इससे बाधा उत्पन्न होती है और इबादत में कठिनाई आती है. इससे पहले पिछले वर्ष भी मस्जिदों में अजान के दौरान लाउडस्पीकर की आवाज को कम कर दिया गया था जो इस वर्ष भी लागू रहेगा.
नियमों की हो रही है आलोचना
प्रतिबंधों ने पूरे विश्व के कई मुसलमानों से नाराजगी और प्रतिक्रिया व्यक्त की है, आलोचकों ने क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के अनुसार सऊदी गवर्नमेंट की तरफ से लागू किए गए प्रतिबंधों को इस्लामी असर को सीमित करने वाला बताया.