यूक्रेन युद्ध में हजारों लोग मारे गए हैं और लाखों विस्थापित हुए हैं. लेकिन रूस का बोलना है कि उसे इस पर कोई पछतावा नहीं है. रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने शुक्रवार को बोला कि उन्हें यूक्रेन युद्ध का कोई पछतावा नहीं है क्योंकि उनका राष्ट्र जो कर रहा है वो “सही” है. इस दौरान उन्होंने हिंदुस्तान का भी जिक्र किया है. उल्लेखनीय है कि यूक्रेन युद्ध के प्रारम्भ होने से पहले ही हिंदुस्तान कहता आ रहा है कि इस मसले का हल शांतिपूर्ण वार्ता से होना चाहिए. हालांकि हिंदुस्तान के प्रस्ताव पर रूस टालमटोल करता रहा लेकिन शुक्रवार को पहली बार रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कबूल किया कि हिंदुस्तान आरंभ से ही शांतिपूर्ण वार्ता के पक्ष में है. पुतिन ने हिंदुस्तान के साथ चीन का भी नाम लिया. उन्होंने बोला कि दोनों राष्ट्र शांतिपूर्ण वार्ता के पक्ष में हैं. पुतिन की ये टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब करीब एक महीने पहले प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने उज्बेकिस्तान में एक शिखर सम्मेलन में साफ शब्दों में बोला था कि ‘यह युग युद्ध का नहीं है.’
कजाखिस्तान की राजधानी अस्ताना में एक संवाददाता सम्मेलन में बोलते हुए, पुतिन ने कहा, “भारत और चीन ने यूक्रेन में शांतिपूर्ण वार्ता का समर्थन किया है.” हालांकि इस दौरान उन्होंने बोला कि यूक्रेन वार्ता के लिए तैयार नहीं था. बता दें कि उज्बेकिस्तान के समरकंद शहर में पिछले महीने हुई शंघाई योगदान संगठन (SCO) की बैठक से इतर प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने पुतिन के साथ सीधी वार्ता की थी. इस दौरान पीएम ने बोला था कि ‘हम सब जानते हैं कि यह युग युद्ध का नहीं है और किसी भी मसले का हल वार्ता के जरिए निकाला जाना चाहिए.’ चीन ने भी यूक्रेन में शांतिपूर्ण वार्ता का आह्वान किया था.