बाली में चल रहे जी-20 के सम्मेलन से इतर हुई बैठक के बाद मोदी ने बोला कि भारत-फ्रांस के निकट संबंध अंतरराष्ट्रीय भलाई की शक्ति रखते हैं. समझा जाता है कि वार्ता में यूक्रेन संघर्ष और खाद्य तथा ऊर्जा सुरक्षा समेत अन्य विषयों पर इसके असर पर वार्ता हुई.
बाली. पीएम मोदी ने बुधवार को दोपहर के भोजन पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों से वार्ता की और इस दौरान रक्षा, परमाणु ऊर्जा, व्यापार तथा खाद्य सुरक्षा के क्षेत्रों में योगदान बढ़ाने पर जोर दिया गया.
बाली में चल रहे जी-20 के सम्मेलन से इतर हुई बैठक के बाद मोदी ने बोला कि भारत-फ्रांस के निकट संबंध अंतरराष्ट्रीय भलाई की शक्ति रखते हैं.
समझा जाता है कि वार्ता में यूक्रेन संघर्ष और खाद्य तथा ऊर्जा सुरक्षा समेत अन्य विषयों पर इसके असर पर वार्ता हुई.
मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘हमेशा की तरह इमैनुअल मैक्रों के साथ अच्छी वार्ता हुई. हमने रक्षा, परमाणु ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा में योगदान बढ़ाने समेत विभिन्न विषयों पर गहन चर्चा की.’’
मैक्रों ने ट्वीट किया कि दोनों पक्षों का शांति के लिए समान एजेंडा है और जी20 की हिंदुस्तान की आनें वाले अध्यक्षता के अनुसार फ्रांस इस पर काम करेगा.
प्रधानमंत्री कार्यालय ने बोला कि दोनों नेताओं ने इस बारे में चर्चा की कि रक्षा संबंधों, टिकाऊ विकास और आर्थिक योगदान को कैसे बढ़ाया जाए.
उसने ट्वीट किया, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों ने बाली में जी20 के सम्मेलन में वार्ता की. उन्होंने विभिन्न विषयों पर फलप्रद वार्ता की. दोनों नेताओं ने इस बारे में चर्चा की कि रक्षा संबंधों, टिकाऊ विकास तथा आर्थिक योगदान को कैसे बढ़ाया जाए.’’
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बोला कि मोदी और मैक्रों ने रक्षा, असैन्य परमाणु ऊर्जा, व्यापार, निवेश और आर्थिक साझेदारी के नये क्षेत्रों में योगदान की समीक्षा की.
उन्होंने अधिक विस्तार से नहीं बताया लेकिन बोला कि उन्होंने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर चर्चा की.
भारत और फ्रांस के बीच क्षेत्रीय योगदान में पिछले कुछ वर्ष में विस्तार हुआ है. सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडेय इस समय फ्रांस की यात्रा पर हैं.
फ्रांस एयर एंड स्पेस फोर्स की एक टुकड़ी अगस्त में तमिलनाडु में वायु सेना के सुलुर केंद्र पर रणनीतिक रूप से जरूरी पड़ाव के रूप में पहुंची थी. प्रशांत महासागर में एक बड़े सेना अभियान के अनुसार तीन राफेल विमान भी पहुंचे थे.
भारत और फ्रांस की नौसेनाओं ने मार्च में अरब सागर में पांच दिन का बड़ा युद्धाभ्यास किया था. उन्होंने पिछले वर्ष अप्रैल में भी अरब सागर में बड़ा अभ्यास किया था.