राफेल विमान भारतीय नौसेना के विमान वाहक पर तैनाती के लिए हैं और इस हफ्ते रक्षा मंत्रालय से स्वीकृति मिलने की आसार है. भारतीय नौसेना हाल के सालों में विमानों और पनडुब्बियों की कमी का सामना कर रही है.
भारत फ्रांस से 26 राफेल एम नौसैनिक जेट और तीन अतिरिक्त स्कॉर्पीन पनडुब्बियां खरीदने के सौदे पर हस्ताक्षर कर सकता है. इन सौदों की घोषणा 14 से 16 जुलाई के बीच होने वाली पीएम नरेंद्र मोदी की फ्रांस यात्रा के दौरान होने की आशा है. रक्षा खरीद बोर्ड (डीपीपी) ने सोमवार को सौदों को स्वीकृति दे दी. लगभग 90,000 करोड़ रुपये के सौदे में 26 राफेल एम विमान शामिल होंगे, जिसमें 22 सिंगल-सीटर और चार डबल-सीटर ट्रेनर संस्करण होंगे. शीर्ष सरकारी सूत्रों के मुताबिक, तीन अतिरिक्त पनडुब्बियां प्रोजेक्ट 75 के अनुसार स्कॉर्पीन सौदे का हिस्सा होंगी.
राफेल विमान भारतीय नौसेना के विमान वाहक पर तैनाती के लिए हैं और इस हफ्ते रक्षा मंत्रालय से स्वीकृति मिलने की आसार है. भारतीय नौसेना हाल के सालों में विमानों और पनडुब्बियों की कमी का सामना कर रही है, जिससे उनकी आवश्यकताओं को पूरा करने की तुरन्त जरूरत पर बल दिया जा रहा है. इन विमानों का इस्तेमाल भारतीय नौसेना द्वारा आईएनएस विक्रांत और आईएनएस विक्रमादित्य पर किया जाएगा, जो वर्तमान में मिग -29 का इस्तेमाल करते हैं. फ्रांस में आधिकारिक घोषणा से पहले अगले कुछ दिनों में सौदों को रक्षा अधिग्रहण परिषद के समक्ष प्रस्तुत किए जाने की आशा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 14 जुलाई को पेरिस, फ्रांस में बैस्टिल डे परेड में मुख्य मेहमान के रूप में आमंत्रित किया गया है. उनके साथ, इंडियन आर्मी की एक टुकड़ी परेड में भाग लेगी, जिसमें भारतीय नौसेना, और भारतीय वायु सेना की पंजाब रेजिमेंट के सैनिक भी शामिल होंगे.