जापान में चल रहे जी-7 सम्मेलन के दौरान क्वाडीलैट्रल सिक्योरिटी डायलॉग (क्वाड) की चारों महाशक्तियां एक जुट होने वाली हैं. बता दें कि क्वाड भारत, आस्ट्रेलिया, अमेरिका और जापान का ताकतवर संगठन है, जिसकी तुलना संयुक्त देश सुरक्षा परिषद जैसे शक्तिशाली संगठन से की जाती है. चीन को इस संगठन का सदस्य नहीं बनाया गया है. इसलिए इन चारों राष्ट्रों से ड्रैगन को जलन रहती है. अब अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन जापान में जी-7 शिखर सम्मेलन से इतर हिंदुस्तान के पीएम नरेन्द्र मोदी और ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज से मुलाकात करेंगे. इस दौरान रूस-यूक्रेन युद्ध समेत चीन की दादागीरी से जुड़े अनेक मुद्दों और रणनीतियों पर चर्चा होने की आशा है. व्हाइट हाउस ने मंगलवार को राष्ट्रपति के विदेश यात्रा पर रवाना होने की पूर्व संध्या पर यह जानकारी दी. राष्ट्रपति जो बाइडन की इस यात्रा की अवधि में कटौती की गई है.
राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में सामरिक संचार समन्वयक जॉन किर्बी ने जी-7 यात्रा के बारे में जानकारी देते हुए व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा, ‘‘उन्हें (बाइडन को) क्वाड के अन्य सदस्य राष्ट्रों के नेताओं – हिंदुस्तान के पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलिया के पीएम अल्बनीज के साथ भी मुलाकात का अवसर मिलेगा. बाइडन जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए जापान के हिरोशिमा के लिए रवाना हुए. किर्बी ने कहा, ‘‘जब से राष्ट्रपति ने कार्यभार संभाला है, हमारे गठबंधनों और साझेदारियों को पुनर्जीवित करना और पूरे विश्व में अमेरिका के नेतृत्व को फिर से स्थापित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक रहा है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘आप देखेंगे कि हमारे सहयोगी और साझेदार पहले से कहीं अधिक एकजुट हैं. पिछले 15 महीनों में जी-7 रूस के आक्रमण के बाद यूक्रेन के साथ एकजुटता से खड़ा है, यूक्रेन के समर्थन में दुनिया को एकजुट किया जा रहा है ताकि(व्लादिमीर) पुतिन को प्रमुख तकनीकों और पूरे विश्व में वित्तपोषण से दूर किया जा सके.
वैश्विक चुनौतियों से निपटना मकसद
किर्बी ने कहा, ‘‘हम जलवायु संकट को दूर करने और अच्छे रोजगार पैदा करने के लिए राष्ट्रपति बाइडन के आर्थिक एजेंडे को जी-7 कार्रवाई के लिए एक खाका के तौर पर पेश करेंगे और साथ ही स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी लाने के लिए साहसिक कार्रवाई की जरूरत को बढ़ावा देंगे. हम पूरे विश्व के विकासशील राष्ट्रों का समर्थन करने के लिए आगे की कार्रवाई करने के लिहाज से एक सकारात्मक एजेंडा पेश करेंगे.’’ किर्बी ने कहा, ‘‘हम विश्व बैंक जैसे संस्थानों की सहायता करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता की फिर से पुष्टि करेंगे ताकि वे उन अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों का अधिक कारगर ढंग से निवारण कर सकें जो जलवायु बदलाव सहित गरीबी में कमी लाने के उसके मुख्य मिशन को सीधे प्रभावित करती हैं. राष्ट्रपति के पास पीएम फुमियो किशिदा से मिलने का अवसर भी होगा, जहां वे सम्मेलन से इतर साझा सुरक्षा, आर्थिक, बहुपक्षीय योगदान को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा करेंगे और निश्चित रूप से जापान के साथ हमारे गठबंधन को बेहतर बनाने के उपायों की तलाश करेंगे.