India Russia Latest News: यूक्रेन के साथ चल रहे रूस के युद्ध की वजह से पश्चिमी राष्ट्रों ने उस पर कई अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगाए हैं। रूस पर लगा प्रतिबंध हिंदुस्तान के लिए सुनहरा मौका बनकर आया। वैश्विक प्रतिबंधों के बाद भी भारत ने रूस से सस्ते दामों पर कच्चा ऑयल खरीदा प्रारम्भ किया लेकिन अब एक राष्ट्र ने हिंदुस्तान के इस काम में अड़चन पैदा कर दी है। अब हिंदुस्तान को रूस से सस्ता कच्चा ऑयल खरीदने में परेशानी आ सकती है। आपको बता दें कि चीन एक बार फिर से हिंदुस्तान के रास्ते में दीवार बन रहा है। पहले हिंदुस्तान को कच्चा ऑयल खरीदने पर प्रति बैरल 15 से 20 $ की छूट मिलती थी लेकिन अब हिंदुस्तान को रूस की ओर से केवल 5 से 10 $ की छूट मिलेगी।
छूट कम होकर आ जाएगी 10 प्रतिशत के नीचे
मीडिया सूत्रों की मानें तो अब हिंदुस्तान को कच्चे ऑयल पर मिलने वाली छूट पर कम फायदा होगा। रूसी ऑयल बाजार को अब धीरे-धीरे कई खरीदार मिल गए हैं जिसकी वजह से उसने छूट की रकम को कम कर दिया है। आपको बता दें कि इससे पहले भिन्न-भिन्न कार्गो पर भारतीय रिफाइनरी को भारी छूट मिलती थी। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो आने वाले दिनों में ये छूट कम हो कर 10 प्रतिशत से भी नीचे जा सकती है, क्योंकि रूस से चीन भारी मात्रा में ऑयल खरीद रहा है वहीं दूसरी ओर तेल उत्पादक राष्ट्र उत्पादन में कटौती करने वाले हैं।
चीन बना सबसे बड़ा खरीदार
युद्ध के कुछ समय बाद से ही चीन रूस से ऑयल खरीद रहा है। वर्तमान समय में चीन रूस से सबसे अधिक ऑयल खरीदता है। चीन और हिंदुस्तान के बाद अब पाक भी रूस से ऑयल खरीदने की तैयारी में है। इससे पहले भारी छूट के साथ रूस से भारतीय रिफाइनरी बाजार ने कच्चा ऑयल खरीदकर बड़ा फायदा कमाया था। बता दें कि हिंदुस्तान के पास कुल 23 रिफाइनरी उपस्थित हैं जो हर वर्ष करीब 24.9 करोड़ टन ऑयल को रिफाइन करती हैं। आने वाले 2 वर्ष में हिंदुस्तान इनकी क्षमता बढ़ने पर काम कर रहा है।