देश पर आए इस संकट के बाद वॉशिंगटन में भारी हलचल मच गई है और कर्ज सीमा बढ़ाने के मामले पर डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन नेताओं के बीच लंबी वार्ता होने की आशा है.
संयुक्त राज्य अमेरिका वित्तीय संकट का सामना कर रहा है और राष्ट्र की वित्त मंत्री ने चेतावनी दी है कि सुपरपॉवर देश दिवालिया हो सकता है. ट्रेजरी सचिव जेनेट येलेन ने चेतावनी दी है कि गवर्नमेंट के पास 1 जून तक अपने बिलों का भुगतान करने के लिए नकदी समाप्त हो सकती है. इस समाचार के कारण राष्ट्रपति जो बाइडेन को शीर्ष चार कांग्रेस पार्टी सदस्यों के साथ बैठक बुलानी पड़ी. रिपोर्ट के मुताबिक नए अनुमान ने अमेरिका के डिफ़ॉल्ट के जोखिम को बढ़ा दिया है जिसका अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर जरूरी असर पड़ सकता है.
देश पर आए इस संकट के बाद वॉशिंगटन में भारी हलचल मच गई है और कर्ज सीमा बढ़ाने के मामले पर डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन नेताओं के बीच लंबी वार्ता होने की आशा है. हालाँकि, हाउस रिपब्लिकन पहले ही कर्ज सीमा बढ़ाने के लिए एक विधेयक पारित कर चुके हैं जिसमें खर्च में कटौती शामिल है, जिसे डेमोक्रेट्स ने बोला है कि वे इसे स्वीकार नहीं करेंगे. राष्ट्रपति बाइडेन ने 9 मई को व्हाइट हाउस में इस मामले पर चर्चा करने के लिए हाउस डेमोक्रेटिक नेता वैध जेफ़रीज़, सीनेट के अधिकतर नेता चक शूमर और रिपब्लिकन नेता मिच मैककोनेल को निमंत्रण दिया है. बाइडेन ने जोर देकर बोला है कि वह कर्ज सीमा वृद्धि पर वार्ता नहीं करेंगे, लेकिन नयी सीमा पारित होने के बाद बजट में कटौती पर चर्चा करेंगे.
अमेरिकी वित्त मंत्री के पत्र से पता चलता है कि अमेरिका 1 जून की आरंभ में डिफॉल्ट की श्रेणी में प्रवेश कर सकता है, यानी जून महीने में अमेरिका डिफॉल्ट हो सकता है, जिसके अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर विध्वंसक रिज़ल्ट होंगे. ट्रेजरी सचिव ने बोला कि निश्चित रूप से परफेक्ट तारीख की भविष्यवाणी करना असंभव है कि आखिर कब ट्रेजरी गवर्नमेंट के बिलों का भुगतान करने में असमर्थ हो जाएगा.