वाशिंगटन: धरती की ओर एक क्षुद्र ग्रह यानी एस्टेरॉइड तेजी से बढ़ता हुआ देखा गया है. अमेरिका की अंतरिक्ष्ज्ञ एजेंसी नासा (नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन) ने इस चेएस्टेरॉइड को चेतावनी भुई दी जा रही है. वैसे इस एस्टेरॉइड आकार बहुत बड़ा है इसलिए यदि ये धरती से टकराता है तो भयानक तबाही देखने के लिए मिल सकती है. नासा के वैज्ञानिक लगातार इस पर अपनी निगाह जमाए हुए है. आइए जानते है ये एस्टेरॉइड कितना बड़ा है और ये कितनी तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसके धरती के से टकराने की अनुमान है या नहीं?
वैज्ञानिक विशालकाय क्षुद्र ग्रह पर नजर गड़ाए बैठे हैं: हालांकि नासा ने क्षुद्रग्रहों ने पृथ्वी के संभावित विध्वंसक संकट से मना नहीं किया है. यहीं जिसका साइज तो बड़ा है ही साथ इसकी रफ़्तार भी बहुत तेज है. पृथ्वी के लिए संभावित खतरों पर नज़र रखने के लिए, नासा ने ग्रहों की रक्षा (एनईओ) बनाने के लिए कई क्षेत्रों में जानकारों की एक टीम को इकट्ठा कर लिया है. सेंटर फॉर नियर अर्थ ऑब्जेक्ट स्टडीज (CNEOS), जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी (JPL), और स्मॉल-बॉडी डेटाबेस सभी इसी कैटेगरी में बने हुए है.
जानें क्यों दिया गया इस क्षुद्र ग्रह को 2022 UD72 नाम: इस नए क्षुद्रग्रह को वैज्ञानिकों ने 2022 UD72 नाम भी दिया जा चुका है. नाम की चार अंकों की संख्या इसकी खोज की तारीख, अक्टूबर 2022 को बताई जा रही है. बता दें कि धरती की ओर तेजी से बढ़ रहे इस क्षुद्रग्रह की ऊंचाई अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के मुताबिक लगभग 65 फीट है और ये पृथ्वी के 4 मिलियन किलोमीटर के भीतर से गुजरने वाला है. यह एक लंबा रास्ता है. ये क्षुद्र ग्रह 15,408 किमी/घंटा की रफ्तार से पृथ्वी के पास से गुजरने वाला है. यदि कुछ भी अप्रत्याशित होता है धरती पर प्रलय आ सकता है.
वाशिंगटन में नासा के मुख्यालय में एक ग्रह रक्षा समन्वय कार्यालय (पीडीसीओ) स्थापित किया गया है और इसका प्रबंधन ग्रह विज्ञान विभाग द्वारा किया जाने वाला है. संभावित घातक वस्तुओं (पीएचओएस) का समय पर पता लगाने की जिम्मेदारी pdco की है. PHOS में क्षुद्रग्रह और धूमकेतु शामिल हैं जिनकी कक्षाओं को पृथ्वी की 0.05 खगोलीय इकाइयों (5 मिलियन मील या 8 मिलियन किलोमीटर) के भीतर लाने की भविष्यवाणी भी की जा चुकी है.