इस्लामाबादः पाकिस्तान कंगाली की हालत से गुजर रहा है और हुक्मरान कुर्सी के लिए लड़ रहे हैं. पाक की शहबाज शरीफ गवर्नमेंट और इमरान खान में ठनी हुई हैै. वहीं राष्ट्र का बेड़ा गर्क हो रहा है. इसी बीच पाक से एक बडा बयान आया है. जानकारी के मुताबिक पाक के दक्षिणपंथी संगठन जमात ए इस्लामी यानी जेआई के मुखिया सिराजुल अधिकार ने बोला कि पाक में सियासी संकट की वजह से सेना कानून लागू हो सकता है.
पाकिस्तान के दक्षिणपंथी संगठन जमात ए इस्लामी के प्रमुख सिराजुल अधिकार का बोलना है कि सत्तारूढ़ गठबंधन और इमरान खान की पार्टी पाक तहरीक ए न्याय ‘पीटीआई‘ के बीच जारी खींचतान की वजह से राष्ट्र में सेना कानून लागू हो सकता है. मीडिया में रविवार को प्रकाशित खबरों से यह जानकारी मिली है.
उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष अप्रैल में तत्कालीन पीएम इमरान खान को अविश्वास मत के जरिये सत्ता से हटाने के बाद से नकदी संकट से जूझ रहा राष्ट्र सियासी संकट का सामना कर रहा है. ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून‘ अखबार ने अधिकार के हवाले से लिखा है, ‘पाकिस्तान डेमोक्रोटिक मूवमेंट ‘पीडीएम‘ गवर्नमेंट राष्ट्र के लिए बोझ बन चुकी है.‘
हक ने बोला कि सत्तारूढ़ गठबंधन और पाक के विपक्षी दल के बीच जारी खींचतान की वजह से राष्ट्र में सेना कानून लागू हो सकता है. राष्ट्र में आम चुनाव का प्रस्ताव करते हुए अधिकार ने गवर्नमेंट द्वारा प्रदर्शनों को दबाने की निंदा की. उन्होंने बोला कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन सभी सियासी दलों का संवैधानिक अधिकार है.
हक ने शुक्रवार को लाहौर में मीडिया को संबोधित करते हुए बोला कि ‘सरकार और निर्वाचन आयोग चुनाव कराने से मना करके संविधान और सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना कर रहे हैं.‘ उन्होंने बोला कि पंजाब की कार्यवाहक गवर्नमेंट पीडीएम का हिस्सा है. अधिकार ने कहा, ‘उनके ‘कार्यवाहक सरकार‘ के बयानों को देख कर लगता है कि वे लंबे समय तक रहेंगे.
मैं साफ कर देना चाहता हूं कि यह राष्ट्र लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिये अस्तित्व में आया और सिर्फ लोकतांत्रिक कार्रवाई से ही बना रह सकता है. ‘उन्होंने बोला कि अंसवैधानिक कदमों से बचा जाना चाहिए. जमात ए इस्लामी ‘जेआई‘ पार्टी के प्रमुख ने चेतावनी देते हुए बोला कि ‘संविधान को कमतर‘ करने की किसी पहल का वह विरोध करेंगे और ऐसा करने पर गंभीर रिज़ल्ट होंगे.