Iranian Football Player: ईरान में हिजाब के विरूद्ध चल रहे विरोध आंदोलन की आंच कतर में प्रारम्भ हुए फुटबॉल वर्ल्ड कप तक पहुंच गई है। ईरान का सोमवार को इंग्लैंड के विरूद्ध मैच था लेकिन मैदान में पहुंचे ईरान के खिलाड़ियों (Iranian Football Player) ने अपने राष्ट्र का राष्ट्रगान नहीं गाया। जब तक ईरान का राष्ट्रगान बजा, तब तक वे सभी खिलाड़ी रेट विहीन चेहरे के साथ मैदान में खड़े रहे। ईरानी खिलाड़ियों की विरोध जताती यह तस्वीर वायरल हो गई है।
चुप खड़े रहे सभी 11 खिलाड़ी
ईरानी फुटबाल टीम के कप्तान अलीरेजा जहानबख्श (Alireza Jahanbakhsh) ने मैच से पहले बोला कि टीम के खिलाड़ी एकजुट होकर तय करेंगे कि ईरान में गवर्नमेंट विरोधी प्रदर्शनकारियों के फेवर में राष्ट्रगान गाने से इनकार किया जाए या नहीं। इसके बाद बयान के बाद ईरान की टीम खलीफा इंटरनेशल स्टेडियम के मैदान में उतरी और अपने राष्ट्र का राष्ट्रगान प्रारम्भ होते ही सभी 11 खिलाड़ी (Iranian Football Player) भाव-शून्य होकर चुप खड़े हो गए।
तेज होगा हिजाब विरोधी आंदोलन!
उनके इस तरह चुप खड़े होने को ईरानी इस्लामी हुकूमत का विरोध और हिजाब (Hijab) विरोध प्रदर्शनकारियों का समर्थन बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि फुटबॉल खिलाड़ियों के इस व्यवहार से दुनिया में ईरान के विरूद्ध विरोध प्रदर्शन की आग और तेज होगी। साथ ही प्रदर्शनों को कुचलने के लिए ईरानी इस्लामी गवर्नमेंट भी अपने दमन में तेजी लाएगी।
अमीनी की मृत्यु से भड़की थी चिंगारी
बताते चलें कि कुर्द मूल की 22 वर्षीय अमीनी हिजाब (Hijab) पहनकर सड़क पर जा रही थी। उसने अपना हिजाब कथित रूप से ईरान के इस्लामी नियमों के हिसाब से ठीक ढंग से नहीं पहना था। इस आरोप में ईरान की इस्लामी पुलिस ने अमीनी को अरेस्ट किया और उसे 3 दिनों तक टॉर्चर किया। बाद में हालत बिगड़ने पर उसे हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया, जहां उसकी मृत्यु हो गई। इसके बाद से ईरान में कठमुल्ला शासन के विरूद्ध विरोध की चिंगारी भड़की हुई है।