जी-7 के सदस्य राष्ट्रों ने हिंदुस्तान की जी-20 अध्यक्षता का समर्थन किया है और न्यायसंगत दुनिया के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है. जी-7 राष्ट्रों के नेताओं ने सोमवार को जारी एक संयुक्त बयान में बोला कि वे सभी के लिए बेहतर एवं सतत भविष्य का समर्थन करते हैं. जी-7 राष्ट्रों के नेताओं ने एक संयुक्त बयान में कहा, ‘‘जर्मनी की अध्यक्षता में जी-7 राष्ट्रों ने अपने अन्य अंतर्राष्ट्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर हमारे समय की प्रमुख प्रणालीगत चुनौतियों और तुरन्त संकट से मिलकर निपटने का अपना संकल्प दिखाया है.”
उन्होंने कहा, “हमारी प्रतिबद्धताओं और कदमों ने एक न्यायसंगत दुनिया की दिशा में आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त किया है.’’ बयान में बोला गया है कि जी-7, जी-20 में हिंदुस्तान की अध्यक्षता का समर्थन करता है. इसमें बोला गया कि जी-7 एक शांतिपूर्ण, समृद्ध और सतत भविष्य के पुनर्निर्माण के लिए मजबूती से, एकजुट होकर और पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं. कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका जी-7 के सदस्य राष्ट्र हैं.
भारत को एक दिसंबर से मिली है अध्यक्षता
भारत ने एक दिसंबर से जी-20 की अध्यक्षता औपचारिक रूप से संभाली है. पीएम नरेन्द्र मोदी ने बोला था कि हिंदुस्तान “एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य” के विषय से प्रेरित होकर एकता को बढ़ावा देने के लिए काम करेगा और आतंक, जलवायु परिवर्तन, महामारी को सबसे बड़ी चुनौतियों के तौर पर सूचीबद्ध करेगा, जिनका एक साथ मिलकर बेहतर ढंग से मुकाबला किया जा सकता है.
अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, कोरिया गणराज्य, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोपीय संघ जी-20 के सदस्य हैं.