विदेशों में हमारे उच्चायोगों और दूतावासों की सुरक्षा के लिए, इस मामले को उठाया जाता है. जब भी हमें कोई चिंता होती है जहां हमें लगता है कि कुछ ऐसी गतिविधियां होंगी जो हमारे हितों को हानि पहुंचा सकती हैं, तो हम इसे उठाते हैं.
खालिस्तानियों द्वारा विभिन्न राष्ट्रों में भारतीय मिशनों की बर्बरता पर विदेश मंत्रालय ने बोला कि हिंदुस्तान सिर्फ आश्वासन से अधिक कार्रवाई देखना चाहता है, यह कहते हुए कि यह आशा है कि विदेशी सरकारें इसमें शामिल लोगों के विरूद्ध कार्रवाई करेंगी और उन पर केस चलाएंगी. साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने लंदन में भारतीय उच्चायोग और सैन फ्रांसिस्को में भारतीय उच्च वाणिज्य दूतावास की तोड़फोड़ पर एक प्रश्न के उत्तर में बोला कि सुरक्षा के मुद्दों पर, जब भी हमें लगता है कि इससे संबंधित कोई मामला है विदेशों में हमारे उच्चायोगों और दूतावासों की सुरक्षा के लिए, इस मामले को उठाया जाता है. जब भी हमें कोई चिंता होती है जहां हमें लगता है कि कुछ ऐसी गतिविधियां होंगी जो हमारे हितों को हानि पहुंचा सकती हैं, तो हम इसे उठाते हैं.
आपने विशेष रूप से लंदन में और कम से कम सैन फ्रांसिस्को में देखा होगा, हमने वहां तोड़फोड़ और हमारे मिशनों पर हमलों के मुद्दे को मजबूती से उठाया है. आपने इस संबंध में हमारे बयान भी देखे होंगे. बागची ने आगे बोला कि हिंदुस्तान मेजबान सरकारों से अपेक्षा करता है कि वे इसमें शामिल सभी लोगों की पहचान करने और उन पर केस चलाने के लिए कार्रवाई करें और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए आवश्यक तरीका भी करें. उन्होंने यह भी आशा जताई कि गवर्नमेंट भारतीय मिशनों के साथ-साथ वहां काम करने वाले कर्मियों को पूर्ण और पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करेगी.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बोला कि मुझे लगता है कि आपका प्रश्न शायद यही था, आश्वासन … हां. देखिए, उस तत्व पर हम केवल कहते हैं, मुझे लगता है कि हम केवल आश्वासनों में दिलचस्पी नहीं रखते हैं. मुझे लगता है कि हम कार्रवाई देखना चाहेंगे. इसलिए मैं उस पर छोड़ दूंगा. इससे पहले 19 मार्च को लंदन में एक खालिस्तान समर्थक प्रदर्शनकारी भारतीय उच्चायोग की बालकनी पर चढ़ गया था और राष्ट्रीय ध्वज को नीचे खींच लिया था.