विदेश मंत्री जयशंकर ने ट्वीट किया, ‘‘ आज सुबह आसियान-भारत विदेश मंत्रियों की गर्मजोशी भरी और सार्थक बैठक हुई. मेरे साथ सह अध्यक्षता करने के लिए विवियन बाला का धन्यवाद. समग्र सामरिक गठजोड़ के अनुपालन में हुई प्रगति को नोट किया.’’
जकार्ता. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बृहस्पतिवार को दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्रों के संघ ‘आसियान’ के अपने समकक्षों के साथ सार्थक वार्ता की और और फिनटेक, खाद्य सुरक्षा और नौवहन सहित विविध क्षेत्रों में योगदान में प्रगति की समीक्षा की.
जयशंकर अभी इंडोनेशिया की राजधानी में आसियान राष्ट्रों के विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने आए हैं.
जयशंकर ने सिंगापुर के भारतीय मूल के विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन से मुलाकात की और समग्र सामरिक गठजोड़ के अनुपालन में हुई प्रगति का उल्लेख किया.
विदेश मंत्री जयशंकर ने ट्वीट किया, ‘‘ आज सुबह आसियान-भारत विदेश मंत्रियों की गर्मजोशी भरी और सार्थक बैठक हुई. मेरे साथ सह अध्यक्षता करने के लिए विवियन बाला का धन्यवाद. समग्र सामरिक गठजोड़ के अनुपालन में हुई प्रगति को नोट किया.’’
उन्होंने कहा, ‘‘डिजिटल, फिनटेक, खाद्य सुरक्षा और नौवहन जैसे क्षेत्रों में अधिक ध्यान केंद्रित करने पर चर्चा की. म्यांमा की स्थिति पर विचारों का आदान प्रदान किया.’’
जयशंकर ने बोला कि विवियन बाला से मुलाकात सुखद रही और वर्तमान अंतरराष्ट्रीय स्थितियों एवं चुनौतियों पर अच्छी चर्चा हुई. ‘‘हमारे द्विपक्षीय संबंधों में हाल के घटनाक्रम का सकारात्मक आंकलन किया.’’
म्यांमा में फरवरी 2021 में तख्तापलट के बाद सेना ने सत्ता पर अतिक्रमण कर लिया था और इसके बाद से राष्ट्र में लोकतंत्र बहाली की मांग को लेकर व्यापक विरोध प्रदर्शन चल रहा है. म्यांमा में सेना द्वारा विरोधियों के विरूद्ध हवाई हमला किये जाने की खबरें भी आई थीं.
इंडोनेशिया की राजधानी में विदेश मंत्री जयशंकर ने ब्रुनेई के अपने समकक्ष दातो इराइवान पेहिन युसुफ से भी मुलाकात की.
जयशंकर ने ट्वीट किया, ‘‘ आसियान-भारत विदेश मंत्रियों की बैठक से इतर ब्रुनेई के विदेश मंत्री दातो इराइवान पेहिन युसुफ से मुलाकात की. हमारा द्विपक्षीय योगदान सतत रूप से बढ़ रहा है. कारोबार बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया.’’
उन्होंने कहा, ‘‘ हमने खाद्य सुरक्षा, आवाजाही, अंतरिक्ष योगदान जैसे क्षेत्रों में योगदान पर चर्चा की.’’
आसियान राष्ट्रों में ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमा, फिलिपीन, सिंगापुर, थाईलैंड, वियतनाम शामिल हैं.
जयशंकर ने इंडोनेशिया की विदेश मंत्री रेंटो मार्सुदी से मुलाकात की. उन्होंने ट्वीट कर यह जानकारी दी.
विदेश मंत्री ने बोला कि रेंटो मार्सुदी के साथ द्विपक्षीय संबंधों का जायजा लिया और जी20 के त्रिगुट सदस्य के रूप में इंडोनेशिया के समर्थन को हम महत्व देते हैं.
बैठक से इतर जयशंकर ने दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री पार्क जिन से मुलाकात की और जरूरी एवं उभरती प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में योगदान पर चर्चा की.
उन्होंने ट्वीट कर बोला ‘‘ हमने अप्रैल में उनकी हिंदुस्तान यात्रा के दौरान हुई चर्चा को आगे बढ़ाने पर वार्ता की. ’’
विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘ हमने जरूरी एवं उभरती प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में योगदान पर चर्चा की.’’
जयशंकर ने न्यूजीलैंड की विदेश मंत्री ननाया महुता से भी मुलाकात की.
उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘न्यूजीलैंड की विदेश मंत्री ननाया महुता से मुलाकात अच्छी रही. आसियान हमारे बीच के इतने लोगों को साथ ले आया.’’
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को इंडोनेशिया, मलेशिया, ऑस्ट्रेलिया और वियतनाम समेत विभिन्न राष्ट्रों के अपने समकक्षों के साथ कई बैठकें कीं और द्विपक्षीय योगदान एवं आपसी भलाई के मुद्दों पर चर्चा की थी.
विदेश मंत्री इंडोनेशिया और थाईलैंड की एक हफ्ते की यात्रा पर हैं. उन्होंने यहां इंडोनेशिया की राजधानी में दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्रों के संगठन (आसियान) के महासचिव डाक्टर काओ किम होर्न के साथ बैठक कर अपने कार्यक्रमों की आरंभ की थी.
इंडोनेशिया में अपने प्रवास के दौरान, जयशंकर आसियान ढांचे के अनुसार आसियान-भारत, पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन और आसियान क्षेत्रीय मंच के प्रारूप में अपने समकक्षों से मुलाकात करेंगे. जकार्ता के बाद जयशंकर रविवार को मेकांग गंगा योगदान (एमजीसी) तंत्र की 12वीं विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए बैंकॉक जाएंगे.