शुक्रवार की सुबह जब हिंदुस्तान में सूर्योदय भी नहीं हुआ था, अमेरिका ने एक बार फिर इतिहास रच दिया। एक अमेरिकी कंपनी इंटुएटिव मशीन्स (Intuitive Machines) चंद्रमा पर अपना मिशन लैंड कराने वाली दुनिया की पहली कंपनी बन गई। इंटुएटिव मशीन्स के IM-1 मिशन को यह उपलब्धि मिली है, जो अब इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गई है। खास यह है कि अपोलो युग के बाद पहली बार अमेरिका बेस्ड किसी मिशन ने चंद्रमा पर लैंडिंग की है।
IM-1 मिशन के अनुसार भेजे गए ओडीसियस (Odysseus) नाम के लैंडर ने चांद पर कदम रख लिया है। कंपनी के सीईओ स्टीव अल्टेमस ने बोला है, “हम सतह पर हैं और ट्रांसमिशन कर रहे हैं। चंद्रमा पर आपका स्वागत है। चंद्रमा पर आजतक जितने भी मिशन लैंड हुए हैं, वो सभी सरकारी एजेंसियों के मिशन थे। बरसों पहले जब आदमी चांद पर पहुंचा था, तो उस मिशन को अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) ने सफल बनाया था। रूस और चीन की सरकारी एजेंसियां भी चांद पर अपने मिशन पहुंचा चुकी हैं। पिछले वर्ष हिंदुस्तान के चंद्रयान-3 मिशन ने चंद्रमा पर सफल लैंडिंग की थी, जो हिंदुस्तान की सरकारी एजेंसी इसरो का मिशन था। शुक्रवार को ऐसा पहली बार हुआ है, जब किसी प्राइवेट कंपनी के मून लैंडर ने चांद पर कदम रखा हो। इसकी सबसे पहले प्रयास वर्ष 2019 में एक इस्राइली कंपनी ने की थी, लेकिन वह फेल हो गई। पिछले वर्ष जापान की प्राइवेट कंपनी ने भी अपना मिशन चांद पर भेजा था, लेकिन लैंडिंग के दौरान वह क्रैश कर गया। अब इंटुएटिव मशीन्स को यह सफलता मिली है।
आखिरी वक्त तक अटकी रही सांसें
मिशन कंट्रोल से जुड़े इंजीनियरों की सांसें अंतिम समय तक अटकी रही। तय लैंडिंग के कुछ मिनट बाद तक भी लैंडिंग की पुष्टि नहीं की गई थी। इंजीनियर फिर से लैंडर के साथ कम्युनिकेशन सेटअप कर रहे थे। आखिरकार एक सिग्नल मिला, जिससे यह कन्फर्म हो गया कि लैंडर चांद की सतह पर उतर चुका है।