- 23 अन्य सरकारी ऑफिसरों की मर्डर के लिए यूक्रेन भेजा था
- 400 से अधिक रूसी भाड़े के सैनिकों को यूक्रेन भेजा गया था
- यूक्रेनी अलगाववादियों का समर्थन करने के लिए वैगनर समूह की स्थापना की
wagner Group: रूस-यूक्रेन युद्ध की आरंभ के बाद से ‘वैग्नर ग्रुप’ की आवाज बार-बार सुनाई दे रही है। एक रूसी भाड़े का नेटवर्क जो कहीं भी कागजात और दस्तावेजों में नहीं पाया जाता है. न ही समूह टैक्स रिटर्न फाइल करता है, इसके कथित समर्थक समूह से किसी भी संबंध से इनकार करते हैं, और निजी सेना कंपनियां रूस में आधिकारिक तौर पर गैर कानूनी हैं. एक रिपोर्ट में इस खुफिया समूह के बारे में जानकारी दी गई है. कई रिपोर्टों में दावा किया गया है कि पुतिन यूक्रेन के विरूद्ध युद्ध में वैगनर समूह के लड़ाकों का उपयोग कर रहे हैं.
मराट गैबिडुलिन ने मीडियो से बात करते हुए बोला कि, “भाड़े के सैनिक आधिकारिक नहीं हैं, इसलिए उनके पास सैनिकों के समान अधिकार या गारंटी नहीं है और मिशन पूरा करने के बाद ही भुगतान किया जाता है.” उन्होंने कहा, ‘आपने मिशन पूरा किया, अपना पैसा लिया और आप छुट्टी पर जा सकते हैं.’ रूसी और यूक्रेनी मीडिया के अनुसार, गैबिडुलिन वैगनर समूह के एकमात्र पूर्व भाड़े के आदमी हैं जिन्होंने अपने अनुभवों को सार्वजनिक रूप से सामने लाया गया है.
‘वैग्नर ग्रुप’ सीरियाई गृहयुद्ध में लिया है भाग
रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह अब दक्षिणी फ्रांस में रहते हैं. उनका बोलना है कि वह शरण मांगने की प्रक्रिया में हैं और उन्होंने यहां अपने अनुभवों के बारे में एक पुस्तक लिखी है. खुफिया अधिकारी दिमित्री उत्किन ने यूक्रेनी अलगाववादियों का समर्थन करने के लिए वैगनर समूह की स्थापना की. इस समूह ने अफ्रीका से लेकर मध्य पूर्व तक रूस और उसके सहयोगियों के हितों का अगुवाई किया है. समूह ने राष्ट्रपति बशर अल-असद की ओर से सीरियाई गृहयुद्ध में भाग लिया.
वैगनर ग्रुप के लड़ाकों पर कई तरह के अत्याचारों का आरोप लगाया गया है. कभी पर्दे के पीछे से काम करने वाला यह समूह यूक्रेन युद्ध के बाद से खुलकर सामने आया है. रूसी सेना जानकार पावेल लुज़हिन ने बताया कि यह हमेशा सेना खुफिया या विशेष अभियान बलों का हिस्सा रहा है. इस समूह का नेतृत्व कथित तौर पर रूसी अभिजात येवगेनी प्रिगोज़िन कर रहे हैं, जिन्हें ‘पुतिन के शेफ’ के रूप में भी जाना जाता है.
जेलेंस्की को मारने का किया गया है प्रयास
इससे पहले जेलेंस्की ने स्वयं भी दावा किया था कि उनको मारने के लिए कीव में 400 हत्यारे भेजे गए हैं और इस काम के बदले उनको बड़ा पुरस्कार देने की घोषणा रूस ने की है. डेली मेल की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि जेलेंस्की की मर्डर के लिए अफ्रीका से 400 से अधिक रूसी भाड़े के सैनिकों को यूक्रेन भेजा गया था. रिपोर्ट में बोला गया है कि पुतिन ने वैगनर ग्रुप नाम की एक प्राइवेट मिलिशिया को जेलेंस्की और 23 अन्य सरकारी ऑफिसरों की मर्डर के लिए यूक्रेन भेजा था. मास्को को अपने पूर्वी यूरोपीय पड़ोसी राष्ट्र पर अतिक्रमण करने के उद्देश्य से यह योजना बनाई गई थी.