जासूसी गुब्बारे टकराव को लेकर अमेरिका और चीन के रिश्तों में फिर से कड़वाहट आ गई है. यह मामला इतना आगे तक बढ़ गया है कि दोनों राष्ट्र एक दूसरे के आमने-सामने खड़े नजर आ रहे हैं. अमेरिकी विदेश मंत्री एंटोनी ब्लिंकन ने चीन के केंद्रीय विदेश मामलों के कार्यालय के निदेशक वांग यी से शनिवार को मुलाकात की थी. रिपोर्ट के मुताबिक, इस वार्ता में ब्लिंकन ने वांग से बोला कि गैर जिम्मेदाराना कृत्य फिर कभी नहीं होना चाहिए. उन्होंने बोला कि चीनी गुब्बारे की ओर से अमेरिकी संप्रभुता और अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन अस्वीकार्य है.
US की इस तल्ख टिप्पणी के बाद अब चीन की तरफ के उत्तर आया है जिसमें बीजिंग ने US को नतीजे भुगतने की धमकी दे डाली है. चीनी विदेश मंत्रालय ने बयान जारी करके बोला कि यदि अमेरिका की ओर से जासूसी गुब्बारे वाले मामले को अधिक बढ़ाया गया तो उसे हर तरह के रिज़ल्ट भुगतने पड़ेंगे. बीजिंग का बोलना है कि अमेरिका लगातार इस मामले से लाभ उठाने की प्रयास कर रहा है.
बीजिंग ने यूएस को धैर्य बरतने को कहा
चीनी मंत्रालय ने रविवार को जारी बयान में आगे बोला गया, ‘वांग यी ने गुब्बारे वाली घटना पर चीन के दृढ़ और निष्पक्ष रुख को व्यक्त किया. साथ ही बीजिंग ने यूएस से आग्रह किया कि वह रास्ता बदले, धैर्य से आकलन करे और अत्यधिक तत्परता से चीनी-अमेरिकी संबंधों को हुए हानि को ठीक करे.’
पहले US ने चीन को लगाई फटकार
इससे पहले अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा, ‘विदेश मंत्री ने अमेरिकी हवाई क्षेत्र में चीन के नज़र गुब्बारे के कारण अमेरिकी संप्रभुता और अंतर्राष्ट्रीय कानून के अस्वीकार्य उल्लंघन को लेकर सीधी बात की. उन्होंने बोला कि इस तरह की गैर-जिम्मेदाराना हरकत दोबारा नहीं होनी चाहिए. भेंट के दौरान ब्लिंकन ने साफ किया कि अमेरिका अपनी संप्रभुता का कोई भी उल्लंघन बर्दाश्त नहीं करेगा. चीनी गुब्बारा कार्यक्रम दुनिया के सामने बेनकाब हो गया है जिसने पांच महाद्वीपों के 40 से अधिक राष्ट्रों के हवाई क्षेत्रों में कब्ज़ा किया है.’
चीनी गुब्बारे की घटना ने खतरे की घंटी बजाई
यह आश्चर्य की बात नहीं है कि हाल में चीनी गुब्बारे की घटना ने खतरे की घंटी बजाई है. मालूम हो कि विशाल आकार वाले गुब्बारे को नष्ट करने के लिए एक साइडविंडर मिसाइल के जरिए धीरे-धीरे मोंटाना से दक्षिण कैरोलिना तट तक ले जाया गया. खबरों में बोला गया कि अलास्का, युकोन और ह्यूरोन झील के ऊपर तीन और संदिग्ध हवाई वस्तुओं को देखा गया, जिन्हें नष्ट कर दिया गया. कनाडा और अमेरिका, दोनों राष्ट्रों की सरकारों ने इन वस्तुओं को अज्ञात हवाई वस्तु करार देने के लिए विज्ञान ‘फिक्शन’ की भाषा का उपयोग किया.
हालांकि, पहली चीनी हवाई वस्तु को चीन की ओर से मौसम विज्ञान से जुड़ा गुब्बारा बताकर बचाव किया गया. इस पर अमेरिकी ऑफिसरों ने संशय जताया, जो दोनों राष्ट्रों के बीच तनावों के लंबे इतिहास को लेकर चिंतित हैं. अमेरिका ने नियमित और ऐतिहासिक रूप से चीन के व्यवहार को आक्रामक बताया है. जासूसी और नज़र के मोर्चे पर दोनों राष्ट्रों के बीच सदा ही परस्पर शक की स्थिति रही है. कई सालों तक अमेरिकियों के पास आर्थिक, सेना और टेक्नोलॉजी के सेक्टर में बढ़त रही है.
(एजेंसी इनपुट के साथ)