भारत और चीन के बीच व्यापार 2022 के पहले छह महीनों में 67.08 अरब $ रहा. यह एक वर्ष पहले की समान अवधि की तुलना में 16.5 प्रतिशत अधिक है. चीन के सामान्य प्रशासन कस्टम (जीएसी) ने बुधवार को ताजा आंकड़े जारी किए. चीन की ओर से जारी ताजा डेटा हिंदुस्तान के जबरदस्त व्यापार घाटो को दर्शाता है. 2022 के पहले 6 महीनों में चीन से हिंदुस्तान के लिए निर्यात 57.51 बिलियन $ रहा. यह पिछले वर्ष की तुलना में 34.5% अधिक है. वहीं हिंदुस्तान से चीन के लिए निर्यात 9.57 बिलियन $ रहा, जो कि 2021 की पहली छमाही की तुलना में 35.3% की तेज गिरावट को दिखाता है. ठीक मायनों में इस वर्ष जनवरी से जून के बीच हिंदुस्तान का व्यापार घाटा 47.94 अरब $ था.
जनवरी में जारी चीनी आंकड़ों के अनुसार, 2021 में हिंदुस्तान और चीन के बीच कुल व्यापार 125 अरब $ था, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड था. दोनों राष्ट्रों के बीच व्यापार घाटा भी बढ़कर 69 अरब $ हो गया था. चीन को हिंदुस्तान के प्रमुख निर्यात में लौह अयस्क, कपास, तांबा, एल्यूमीनियम और हीरे और प्राकृतिक रत्न शामिल हैं.
पूर्वी लद्दाख में असली नियंत्रण रेखा (LAC) के साथ चल रहे सीमा गतिरोध के बावजूद, चीन ने मई में बोला कि यह हिंदुस्तान का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार बना हुआ है. चीन ने यह बयान ऐसे समय में दिया था जब हिंदुस्तान ने आंकड़े जारी कर बोला था कि उसने 2021 में किसी अन्य राष्ट्र के मुकाबले अमेरिका के साथ अधिक व्यापार किया.
भारत के वाणिज्य मंत्रालय ने हाल ही में मई में डेटा प्रकाशित किया था जिसमें दिखाया गया था कि 2021-22 में अमेरिका चीन को पीछे छोड़ते हुए हिंदुस्तान का शीर्ष व्यापारिक भागीदार बन गया है.