नई दिल्ली. हिंद-प्रशांत क्षेत्र में हिंदुस्तान और फ्रांस की सुरक्षा और स्थिरता के लिए हुई रक्षा साझेदारी ने चीन की चिंता बढ़ा दी है. चीन दक्षिण चीन सागर पर पहले से ही अपना आधिपत्य जमाता रहा है. अब वह हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भी अस्थिरता पैदा करने का कोशिश कर रहा है. मगर इन दोनों राष्ट्रों ने ड्रैगन की मंशा पर पानी फेरना प्रारम्भ कर दिया है. पीएम नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को बोला कि हिंदुस्तान और फ्रांस मिल कर हिंद प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता के अतिरिक्त अंतरराष्ट्रीय खाद्य और स्वास्थ्य सुरक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक सहयोग दे रहे हैं.
भारत की एयर इण्डिया और फ्रांस के एयरबस के बीच विमान खरीदने संबंधी समझौते के अवसर पर वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोदी ने यह भी बोला कि आज अंतर्राष्ट्रीय ऑर्डर और बहुपक्षीय प्रणाली की स्थिरता और संतुलन सुनिश्चित करने में भारत-फ्रांस भागीदारी प्रत्यक्ष किरदार निभा रही है. इस कार्यक्रम के दौरान एयर इण्डिया ने एयरबस से 250 विमान खरीदने की घोषणा की है. इनमें 40 बड़े आकार के विमान शामिल होंगे. इन विमानों की खरीद के लिए एयरबस के साथ आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए गए हैं. इस कार्यक्रम में पीएम मोदी के अतिरिक्त फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों भी उपस्थित थे.
भारत-फ्रांस के के बीच समझौते की पीएम ने की सराहना
टाटा समूह ने पिछले वर्ष जनवरी में एयर इण्डिया का अधिग्रहण किया था. पीएम ने इस समझौते को ‘‘मील का पत्थर’’ बताया और बोला कि यह ‘‘महत्वपूर्ण करार’’ हिंदुस्तान और फ्रांस के गहराते संबंधों के साथ-साथ हिंदुस्तान के नागरिक उड्डयन क्षेत्र की सफलताओं और आकांक्षाओं को भी दर्शाता है. उन्होंने इस करार की सराहना करते हुए बोला कि हिंदुस्तान के बढ़ते विमानन क्षेत्र को अगले 15 वर्ष में 2,000 से अधिक विमानों की आवश्यकता होगी. उन्होंने कहा, ‘‘चाहे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता का विषय हो या अंतरराष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य सुरक्षा… हिंदुस्तान और फ्रांस साथ मिलकर सकारात्मक सहयोग दे रहे हैं. मुझे विश्वास है कि इस साल द्विपक्षीय संबंध और भी नयी ऊंचाइयों को छू लेंगे.
भारत को चाहिए होंगे 2000 से अधिक विमान
विमानों के इंजन की सर्विसिंग के लिए हिंदुस्तान में सबसे बड़े सुविधा केंद्र की स्थापना का उल्लेख करते हुए मोदी ने बोला कि आज ‘‘अंतरराष्ट्रीय प्रबंध और बहुपक्षीय प्रणाली’’ की स्थिरता और संतुलन सुनिश्चित करने में भारत-फ्रांस भागीदारी प्रत्यक्ष किरदार निभा रही है. पीएम ने बोला कि आज हिंदुस्तान का नागरिक उड्डयन क्षेत्र राष्ट्र के विकास का अभिन्न हिस्सा है और इसे मजबूत करना गवर्नमेंट की राष्ट्रीय अवसंरचना रणनीति का एक जरूरी पहलू है. उन्होंने बोला कि पिछले 8 सालों में हिंदुस्तान में हवाई अड्डों की संख्या 74 से बढ़कर 147 हो गई है. उन्होंने बोला कि क्षेत्रीय संपर्क योजना उड़ान के माध्यम से राष्ट्र के सुदूर हिस्सों को भी हवाई मार्ग से जोड़ा जा रहा है, जिससे लोगों के आर्थिक एवं सामाजिक विकास को बढ़ावा मिल रहा है. उन्होंने कहा, ‘‘निकट भविष्य में हिंदुस्तान इस क्षेत्र में विश्व का तीसरा सबसे बड़ा बाजार बनने जा रहा है. एक आकलन के अनुसार, हिंदुस्तान को अगले 15 सालों में 2,000 से अधिक विमानों की जरूरत होगी.’’