न्यूयॉर्क/लंदन: आर्कटिक विस्फोट वाले बर्फीले तूफान ने अमेरिका से लेकर ब्रिटेन तक के इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 530 मील यानी करीब 854 किलोमीटर तक ‘स्नो बम’ का असर करीब एक सप्ताह तक रहेगा। आर्कटिक से आने वाली खतरनाक ठंडी हवाओं के कारण, अमेरिका के 80 फीसदी हिस्से में तापमान शून्य से नीचे चला गया है, जिससे दक्षिण से पूर्वोत्तर तक 14 मिलियन लोगों को हाड़ कंपा देने वाली ठंड का सामना करना पड़ रहा है। बर्फीले तूफान के कारण राष्ट्र के कुछ हिस्सों में सात लोगों की मृत्यु हो गई है, जबकि 3,000 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। उधर, ब्रिटेन में भी बर्फीले तूफान ने काफी कठिनाई मचाई है।
अमेरिका में खराब मौसम के कारण एक लाख से अधिक घरों और कार्यालयों में बिजली नहीं है। दक्षिण से लेकर उत्तर-पूर्व तक के इलाकों में बर्फबारी और बारिश के साथ ठंडी हवाएं चलने से 14 करोड़ से अधिक लोग ठंड से ठिठुर गए हैं। ठंड की वजह से 7 लोगों की मृत्यु हो गई है और मरने वालों की संख्या बढ़ने की संभावना है। सरकार ने लोगों को चेतावनी दी है कि जब तक महत्वपूर्ण न हो घर से बाहर न निकलें।