vअमेरिकी Smart Phone कंपनी Apple ने iPhone का कुछ प्रोडक्शन चीन से बाहर ले जाने की योजना पर आगे बढ़ना प्रारम्भ कर दिया है. कंपनी ने सप्लायर्स से विशेषतौर पर हिंदुस्तान और वियतनाम में हैंडसेट की असेंबलिंग के लिए योजना बनाने को बोला है. इसके अतिरिक्त Foxconn जैसी ताइवान की कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों पर भी एपल अपनी निर्भरता को कम करना चाहती है.
Wall Street Journal की रिपोर्ट में बताया गया है कि Foxconn की चीन में Zhengzhou की फैक्टरी में हिंसक प्रदर्शनों के बाद आईफोन के प्रोडक्शन पर असर पड़ा है. इस वजह से एपल अपने प्रोडक्शन का कुछ हिस्सा चीन से बाहर ले जाने की तैयारी कर रही है. इस फैक्टरी में आईफोन और एपल के कुछ अन्य प्रोडक्ट्स बनाए जाते हैं. यह फैक्टरी कभी आईफोन के प्रो वेरिएंट्स के प्रोडक्शन में लगभग 85 फीसदी का सहयोग देती थी. एपल ने अपने सप्लायर्स से बोला है कि वह चीन से बाहर प्रोडक्शन बढ़ाना चाहती है. पिछले महीने की आरंभ में फॉक्सकॉन की फैक्टरी में समस्याएं प्रारम्भ होने के बाद एपल ने आईफोन के महंगे वेरिएंट्स ककी शिपमेंट्स में कटौती का अनुमान दिया था.
आईफोन की इस सबसे बड़ी फैक्टरी में वेतन के भुगतान में देरी और कोविड-19 के कारण लगाई गई पाबंदियों के कारण बड़ी संख्या में वर्कर्स ने विरोध प्रदर्शन किया था. इसके बाद Foxconn ने इस्तीफा देने वाले वर्कर्स को 10,000 येन (लगभग 1,14,000 रुपये) के भुगतान की पेशकश की थी. कंपनी ने नए वर्कर्स से वेतन से जुड़ी तकनीकी गलती के लिए माफी भी मांगी थी. इस फैक्टरी से 20,000 से अधिक वर्कर्स ने इस्तीफा दिया है. फॉक्सकन फैक्टरी में स्थिति को सामान्य करने में जुटी है.
हाल ही में Foxconn ने बड़ी संख्या में वर्कर्स की हायरिंग की थी. कंपनी ने नए वर्कर्स को अधिक वेतन के साथ ही बोनस देने का भी वादा किया था. कोविड-19 के फैलने के बाद लगाई गई पाबंदियों के कारण फॉक्सकॉन को कई वर्कर्स को आइसोलेट करना पड़ा था. इसके अतिरिक्त बहुत से वर्कर्स फैक्टरी में खराब स्थितियों के कारण चले गए थे. चीन के प्रेसिडेंट Xi Jinping जीरो कोविड पॉलिसी के अनुसार महामारी से निपटने के लिए कड़े तरीका किए जा रहे हैं. हिंदुस्तान में भी फॉक्सकॉन की फैक्टरी है जिसमें आईफोन का प्रोडक्शन किया जाता है.