स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए खराजमी और अर्क यूनिवर्सिटी मे विद्यार्थियों ने कैफिटीरिया में खाना बंद कर दिया है. हालांकि ऑफिसरों का बोलना है कि विद्यार्थियों को यह कम्पलेन जलजनित बैक्टीरिया की वजह से हुई है. वहीं विद्यार्थियों का बोलना कि जानबूझकर उन्हें खाने में जहर दिया गया है. टेलिग्राम पर एक ग्रुप ने लिखा, हमारा पहले भी ऐसा ही अनुभव रहा है. इसफाहान यूनिवर्सिटी में इसी तरह से बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को जहर दे दिया गया था.
विश्वविद्यालय की कुछ क्लीनक बंद थी वहीं जो क्लीनिक खुले भी थे उसमें डिहाइड्रेशन और कुछ अन्य रोंगों की दवाइयां ही नहीं मौजूद थीं. विद्यार्थियों ने ईरानी गवर्नमेंट के विरूद्ध प्रदर्शन और स्ट्राइक का प्लान बनाया था और उससे पहले ही बड़ी संख्या में विद्यार्थी बीमार हो गए.
बता दें कि पिछले दो महीने से ना सिर्फ ईरान में बल्कि ईरान से बाहर भी वहां की इस्लामिक गवर्नमेंट के विरूद्ध प्रदर्शन हो रहे हैं. 22 वर्ष की महसा अमीनी की पुलिस हिरासत में मृत्यु के बाद पूरे राष्ट्र में रोष व्याप्त हो गया. भिन्न-भिन्न आंकड़ों के अनुसार इस आंदोलन के चलते अब तक ईरान में कम से कम 450 लोगों की जान जा चुकी है.