सूडान के अशांत क्षेत्र दार्फुर में सशस्त्र लड़ाकों के बीच झड़पों में पिछले महीने कम से कम सौ लोग मारे गए थे. सूडान के ‘डाक्टर्स सिंडिकेट’ ने यह जानकारी दी. डॉक्टरों के संगठन ने रविवार देर रात अपने आधिकारिक फेसबुक पेज में एक बयान में बोला कि दार्फुर के जेनेना शहर में हॉस्पिटल काम नहीं कर रहे हैं, घायलों की असली संख्या के बारे में बता पाना कठिनाई है.
कम से कम 481 आम नागरिक मारे गए
जेनेना में हिंसा उस समय हुई जब दो प्रतिद्वंद्वी जनरलों ने राजधानी खार्तुम में एक दूसरे के विरूद्ध मोर्चा खोल दिया. इस लड़ाई से यह भी संकेत मिलता है कि राजधानी के अतिरिक्त पूरे राष्ट्र में हिंसा की घटनाएं हो सकती हैं. डॉक्टरों के संगठन की ओर से जारी बयान में बोला गया कि जनरल अब्देल फताह बुरहान नीत सेना और जनरल मोहम्मद हमदान दालगो नीत रैपिड सपोर्ट फोर्स के बीच हिंसा हुई थी जिसमें कम से कम 481 आम नागरिक मारे गए. उन्होंने बोला कि इन घटनाओं में 2560 से अधिक लोग घायल हुए हैं. वहीं सूडानी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, संघर्ष प्रारम्भ होने के बाद से अब तक नागरिकों और लड़ाकों सहित लगभग 530 लोग मारे गये हैं, जबकि 4,500 अन्य घायल हुए हैं.
हिंसा से ग्रसित राष्ट्र छोड़कर भाग रहे लोग
सूडान में 15 अप्रैल से सेना और अर्द्धसैनिक बल ‘रैपिड सपोर्ट फोर्स’ (आरएसएफ) के बीच लड़ाई जारी है, जिसमें सैकड़ों लोगों की मृत्यु हुई है. वहीं सूडान की सेना और उसके प्रतिद्वंद्वी अर्धसैनिक बल में जारी संघर्ष के बीच लोगों का मिस्र के साथ लगी सूडान की उत्तरी सीमाओं से निकलने का सिलसिला जारी है. कई सूडानी नागरिक और विदेशी नागरिक राष्ट्र के मुख्य बंदरगाह पोर्ट सूडान पहुंचे और उन हजारों लोगों में शामिल हो गये जो हिंसाग्रस्त राष्ट्र से बाहर निकलने के लिए कई दिनों से प्रतीक्षा कर रहे हैं.