मॉस्को: रूस-यूक्रेन में बीते डेढ़ वर्ष से जारी युद्ध के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) सबसे बड़े संकट में घिर गए हैं। संकट भी ऐसा कि, रूस में तख्तापलट होने की संभावना जताई जाने लगी है। इसी के साथ क्रेमलिन की सुरक्षा के लिए मॉस्को में टैंकों की तैनाती किए जाने की जानकारी सामने आई है। समाचार एजेंसी TASS ने एक सूत्र के हवाले से जानकारी दी है कि शनिवार तड़के मध्य मॉस्को में सेना गाड़ी नज़र आए हैं।
बता दें कि, पुतिन की निजी मिलिशिया वैगनर ग्रुप ने विद्रोह करने का घोषणा कर लिया है। वैगनर ग्रुप और रूस की सेना के बीच विवाद उत्पन्न हो गया है। रूस से जुड़े लड़ाकू समूह के मुखिया येवगेनी प्रिगोझिन ने मॉस्को को दंड देने और बदला लेने का संकल्प ले लिया है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को वैगनर बॉस येवगेनी प्रिगोझिन के सशस्त्र तख्तापलट की प्रयास के बारे में नियमित रूप से जानकारी दी जा रही है। क्रेमलिन ने बोला कि पुतिन को रक्षा मंत्रालय, आंतरिक मामलों के मंत्रालय और नेशनल गार्ड से लगातार इस मुद्दे पर जानकारी मिल रही है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, वैगनर ग्रुप के मुखिया येवगेनी प्रिगोझिन ने यूक्रेन के बखमुत में वैगनर ट्रेनिंग कैंप पर मिसाइल हमले के लिए क्रेमलिन को दोषी करार दिया है। इस अटैक में कई वैगनर लड़ाके मारे गए थे।
रिपोर्ट के अनुसार, प्रिगोझिन ने कसम खाई है कि, हम मॉस्को जा रहे हैं, और जो कोई भी हमारे सेंटर्स में दाखिल होगा, वह इसके लिए जवाबदेह होगा।’ प्रिगोझिन ने अपने प्रवक्ताओं द्वारा जारी ऑडियो संदेशों की एक सिरीज में बोला कि, ‘रूसी सेना ने हमारे शिविरों पर मिसाइल हमले किए जिससे बड़ी तादाद में हमारे लड़ाके, हमारे साथी मारे गए।’ उन्होंने कहा, ‘PMC वैगनर के कमांडरों की परिषद ने एक निर्णय लिया है – राष्ट्र का सेना नेतृत्व जो बुराई लाता है उसे रोका जाना चाहिए। ‘ उन्होंने आगे बोला कि, ‘जो कोई भी प्रतिरोध करेगा – हम इसे खतरा मानेंगे और इसे फ़ौरन तबाह कर देंगे। हमें इस परेशानी को समाप्त करने की जरूरत है। यह कोई सेना तख्तापलट नहीं है, बल्कि न्याय का मार्च है।’
वैगनर समूह के चीफ ने आगे बोला कि उनकी सेना दक्षिणी सीमा क्षेत्र में दाखिल हो गई है, वैगनर बलों ने रोस्तोव में दक्षिणी सेना जिले की इमारत पर कंट्रोल कर लिया है। उसने जंग के घोषणा करने के अंदाज में यह भी बोला कि उसकी 25,000 लोगों की सशक्त सेना “मरने के लिए तैयार” है। जिसके बाद रोस्तोव में रूसी ऑफिसरों ने लोगों से घर के अंदर ही रहने का आग्रह किया है। इस बीच, लिपेत्स्क के गवर्नर ने बोला कि ऑफिसरों ने सुरक्षा पहरा बढ़ाने का निर्णय लिया है।