वाशिंगटन. 24 फरवरी की रात यूक्रेन पर रूस की तरफ से कई बम गिराकर जंग-ए-ऐलान किया गया. लंबे समय से दोनों राष्ट्रों के बीच तनाव की स्थिति बनीं हुई थी. पूरे विश्व में युद्ध की स्थिति को लेकर चिंता जताई जा रही हैं. क्योंकि कहा जाता है कि युद्ध किसी भी दृष्टि से ठीक नहीं होता है. रूसी हमले की पूरी दुनिया निंदा कर रही हैं. रूस की सेना ने कहा है कि उसने यूक्रेन के हवाई अड्डों और अन्य सैन्य संपत्तियों को निशाना बनाया है, आबादी वाले क्षेत्रों को लक्षित नहीं किया गया.
रूस ने किया यूक्रेन पर हमला
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बृहस्पतिवार को यूक्रेन में सैन्य अभियान की घोषणा करने के बाद यूक्रेन के कई शहरों में भयंकर धमाकों की आवाजें सुनाई दीं. रूस की सेना ने कहा है कि उसने यूक्रेन के हवाई अड्डों और अन्य सैन्य संपत्तियों को निशाना बनाया है, आबादी वाले क्षेत्रों को लक्षित नहीं किया गया. पुतिन ने अन्य राष्ट्रों को आगाह भी किया है कि रूसी कार्रवाई में किसी प्रकार के हस्तक्षेप के कोशिश ‘‘के ऐसे रिज़ल्ट होंगे, जो उन्होंने पहले कभी नहीं देखे होंगे.’’ पुतिन ने दावा किया है कि हमले पूर्वी यूक्रेन में लोगों की रक्षा करने के मकसद से किए जा रहे हैं, जिसे अमेरिका ने हमला करने का महज एक बहाना बताया है. पुतिन ने टेलीविजन पर एक संबोधन में अमेरिका और उसके योगदानियों पर यूक्रेन को उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) में शामिल होने से रोकने और मॉस्को को सुरक्षा गारंटी देने की रूस की मांग की अनदेखी करने का भी इल्जाम लगाया. पुतिन का यह बयान खारकीव, ओडेसा में भयंकर विस्फोट की आवाजें सुने जाने से पहले इनकमा था. इससे पहलेअमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने यूक्रेन पर रूस के ‘‘बिना उकसावे वाले और अकारण’’ हमले के इरादे की निंदा की थी. राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका और उसके योगदानी इसके लिए ‘‘रूस की जवाबदेही तय करेंगे.
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने की अलोचना
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा कि मैं यूक्रेन में डरावह घटनाओं से स्तब्ध हूं और मैंने अगले कदमों पर चर्चा करने के लिए राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की से बात की है. राष्ट्रपति पुतिन ने यूक्रेन पर इस अकारण हमले की आरंभ करके रक्तपात और विनाश का रास्ता चुना है. यूके और हमारे योगदानी निर्णायक उत्तर देंगे.
रूस-यूक्रेन टकराव को लेकर पूरी दुनिया में चिंता की स्थिति है. वर्तमान में देखें तो रूस ने यूक्रेन में सैनिक कार्रवाई शुरू कर दिया है. इन सब के बीच आज संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में यूक्रेन टकराव को लेकर चर्चा हुई. हिंदुस्तान ने एक बार फिर से रूस-यूक्रेन टकराव पर सावधानी बरतने पर जोर देते हुए स्थिति को संभालने का आह्वान किया. संयुक्त राष्ट्र में हिंदुस्तान के स्थाई प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने कहा कि हम तत्काल डी-एस्केलेशन का आह्वान करते हैं, स्थिति एक बड़े संकट में परिवर्तित होने के कगार पर है. यदि इसे सावधानी से नहीं संभाला जाता तो यह सुरक्षा को निर्बल कर सकता है. सभी पक्षों की सुरक्षा को ध्यान में रखा जाना चाहिए.
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने यूक्रेन पर रूस के ‘‘बिना उकसावे वाले और अकारण’’ हमले के इरादे की निंदा की है. राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका और उसके योगदानी इसके लिए ‘‘रूस की जवाबदेही तय करेंगे.’’ बाइडन ने कहा कि सात नेताओं के समूह की मीटिंग के बाद बृहस्पतिवार को अमेरिकी लोगों से बात करने की उनकी योजना है. बृहस्पतिवार को रूस के विरूद्ध और प्रतिबंधों की घोषणा की जा सकती है. बाइडन ने एक लिखित बयान में कहा, ‘‘ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक पूर्व नियोजित युद्ध को चुना है, जिसका लोगों के जीवन पर विनासंदेहारी असर होगा. इस हमले मेंलोगों की मृत्यु और तबाही के लिए सिर्फ रूस उत्तरदायी होगा, अमेरिका और उसके योगदानी एवं साझेदार एकजुट हो कर एवं निर्णायक तरीके से इसका उत्तर देंगे. दुनिया रूस की जवाबदेही तय करेगी.
डोनाल्ड ट्रंप- अमेरिका में मेरे शासन में ये दिन कभी नहीं आता
चुनाव के बाद भी जबरन राष्ट्रपति पद पर बनें रहने के इच्छुक पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी रूस पर निशाना साधते हुए बाइडेन को आड़े हाथ लिया. यूक्रेन पर रूसी कार्रवाई शुरू होने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनके शासन में ये नहीं हुआ होता. उन्होंने कहा कि जब तक में अमेरिका का राष्ट्रपति था तब तक पुतिन ऐसा नहीं करना चाहते थे. हमेशा वार्ता से मामला ठीक किया जा सकता है. ट्रंप ने कहा, मुझे लगता है कि वो वार्ता करना चाहते थे लेकिन ये मामला बिगड़ता चला गया और फिर पुतिन ने इसमें कमज़ोरी देखी.
हिंदुस्तान ने रूस, यूक्रेन के बीच तनाव को तत्काल कम करने का आह्वान किया
हिंदुस्तान ने रूस और यूक्रेन के बीच तनाव को तत्काल कम करने का आह्वान किया और आगाह किया कि स्थिति एक बड़े संकट में परिवर्तित हो सकती है. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पूर्वी यूक्रेन में एक ‘‘सैन्य अभियान’’ शुरू करने की घोषणा की है. यूक्रेन की स्थिति पर 15 मेम्बरीय राष्ट्रों की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने बुधवार देर रात एक आपात मीटिंग बुलाई थी. इस हफ्ते बुलाई गई यह दूसरी मीटिंग है और 31 जनवरी के बाद से रूस और यूक्रेन के बीच तनाव पर बुलाई चौथी मीटिंग थी. संयुक्त राष्ट्र महाहकीकतिव एंतोनियो गुतारेस ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से यूक्रेन में सेना नहीं भेजने और ‘‘खामोशि से मसले हल करने’’ की अपील की है. संयुक्त राष्ट्र में हिंदुस्तान के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने परिषद को बताया कि हिंदुस्तान ने महज दो दिन पहले ही यूक्रेन पर परिषद की मीटिंग में तनाव को तत्काल कम करने का आह्वान किया था और स्थिति से संबंधित सभी मुद्दों को हल करने के लिए कूटनीति केंद्रित कोशिशों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया था. उन्होंने कहा, ‘‘ हालांकि, हमें खेद है कि तनाव दूर करने के लिए विभिन्न पक्षों द्वारा की गई पहलों पर ध्यान देने के अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के आह्वान पर ध्यान नहीं दिया गया. स्थिति के एक बड़े संकट में परिवर्तित होने का खतरा बना है.’’ हिंदुस्तान ने उपस्थिता घटनाक्रम पर अपनी ‘‘गहरी चिंता’’ जाहीर की और कहा कि इसे यदि सावधानी से नहीं संभाला गया, तो यह क्षेत्र की खामोशि तथा सुरक्षा को निर्बल कर सकता है. हिंदुस्तान ने तत्काल तनाव कम करने और ऐसी किसी भी कार्रवाई से बचने का आह्वान किया, जो स्थिति को और बदतर कर सकती हो.
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने पुतिन से ‘‘खामोशि से मसले हल करने’’ की अपील की
संयुक्त राष्ट्र महाहकीकतिव एंतोनियो गुतारेस ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से यूक्रेन में सेना नहीं भेजने और ‘‘खामोशि से मसले हल करने’’ की अपील की है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बुधवार देर रात बुलाई गई आपात मीटिंग में गुतारेस ने कहा कि पूरा दिन इन अफ़वाहों और संभावनाओं से भरा हुआ रहा कि यूक्रेन के विरूद्ध आक्रमण आसन्न है. गुतारेस ने कहा कि इससे पहले उन्होंने उन अफ़वाहों पर कभी विश्वास नहीं किया कि यूक्रेन पर रूस आक्रमण करेगा और हमेशा ‘‘ आश्वस्त रहे कि कुछ भी डरावह नहीं होगा.’’ उन्होंने कहा, ‘‘ मैं गलत था और मैं एक बार फिर गलती नहीं करना चाहता. इसलिए यदि वास्तव में किसी अभियान की तैयारी की जा रही है, तो मैं तहे दिल से बस यही कहना चाहूंगा कि अपने सैनिकों को यूक्रेन पर हमला करने से रोकें. खामोशि से मसले हले करें. बहुत लोगों की जान पहले ही जा चुकी है.