रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सोमवार को यूक्रेन में रूस के हमले का बचाव किया। सोवियत यूनियन द्वारा नाजी जर्मनी की हार का उत्सव मनाते हुए रेड स्क्वायर में वार्षिक सैन्य परेड की आरंभ में पुतिन ने बोला कि यूक्रेन में रूसी सैनिक अपनी मातृभूमि की रक्षा कर रहे हैं। उन्होंने संघर्ष को द्वितीय विश्व युद्ध की निरंतरता के रूप में चित्रित किया।
यूक्रेन में मोर्चे पर डटी रूसी सेना को संबोधित करते हुए पुतिन ने कहा, “आप मातृभूमि के लिए, उसके भविष्य के लिए लड़ रहे हैं, ताकि कोई भी द्वितीय विश्व युद्ध के सबक को न भूले।” बता दें पुतिन ने कीव में ऑफिसरों को नव-नाज़ियों का रूप बताकर यूक्रेन में लड़ाई को महान रूसी देशभक्तिपूर्ण युद्ध से जोड़ने की बार-बार प्रयास की है।
रूसी राष्ट्रपति ने भाषण के दौरान कोई बड़ी घोषणा नहीं की, हालांकि कई रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया था कि वह संघर्ष को बढ़ाने घोषणा कर सकते हैं। इसके बजाय पुतिन ने यूक्रेन में रूसी हमले (जिसे वह “विशेष सैन्य अभियान” कहते हैं), के लिए एक तर्क गढ़ा कि कीव और उसके पश्चिमी सहयोगी हमारी ऐतिहासिक भूमि- रूसी भाषी डोनबास क्षेत्र और 2014 में मास्को द्वारा अतिक्रमण किए गए क्रीमिया पर आक्रमण की तैयारी कर रहे थे। ।
पुतिन ने यूक्रेन में नाटो हथियारों की डिलीवरी और विदेशी सलाहकारों की तैनाती की ओर इशारा करते हुए कहा, “सीधे हमारी सीमाओं पर हमारे लिए एक एकदम अस्वीकार्य खतरा पैदा किया जा रहा था।” पुतिन ने कहा, रूस के पास कोई विकल्प नहीं था, उन्होंने रूसी हमले के निर्णय को “संप्रभु, मजबूत और स्वतंत्र देश” के लिए “एकमात्र ठीक निर्णय” कहा। उन्होंने जोर देकर बोला कि रूस संघर्ष का विस्तार नहीं करना चाहता।
पुतिन ने मृत सैनिकों के परिवार को सहायता का वादा किया
पुतिन ने बोला कि सोमवार की परेड में हिस्सा ले रहे कुछ सैनिक यूक्रेन में सीधे मोर्चे से आए थे। उन्होंने इस बात का कोई उल्लेख नहीं किया कि दो महीने से अधिक समय के बाद संघर्ष कैसे बढ़ रहा है, लेकिन मृत सैनिकों के परिवारों के लिए “अपूरणीय क्षति” को स्वीकार किया और राज्य के समर्थन का वादा किय