यूक्रेन सीमा पर 1 लाख सैनिक, मिसाइलें, टैंक और युद्धक वाहन तैनात करने के बाद पहली बार रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने चुप्पी तोड़ी है। पुतिन ने कहा कि अमेरिका और नाटो देशों ने यूक्रेन के साथ चल रहे गतिरोध पर रूस की मुख्य सुरक्षा मांगों का निपटारा नहीं किया है। यूक्रेन संकट शुरू होने के कई सप्ताह बाद पहली बार पुतिन ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रां के साथ फोन पर बातचीत के दौरान अपनी अपनी मांग दोहराई। पुतिन का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब रूस की ओर से यूक्रेन की जोरदार घेराबंदी के
बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने पूर्वी यूरोप में अतिरिक्त सेना को भेजने का ऐलान किया है। रूसी राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन ने बताया कि पुतिन ने मैक्रां से कहा कि वह अमेरिका और नाटो देशों की ओर से दिए गए जवाब का अध्ययन करेंगे। इसके बाद आगे की कार्रवाई को तय करेंगे। कार्यालय ने कहा कि इस बातचीत के दौरान पुतिन ने यह ध्यान दिलाया कि अमेरिका और नाटो ने अपने जवाब में रूस की मुख्य सुरक्षा चिंताओं पर ध्यान नहीं दिया है।