अमेरिका और यूरोप समेत दुनिया के कई राष्ट्रों में मंकीपॉक्स वायरस तेजी से फैल रहा है। इस बीच एक राहत भरी समाचार आई है जिसके अनुसार इस घातक रोग का उपचार खोज लिया गया है। लैंसेट की स्टडी में यह बात सामने आई है कि एंटीवायरल दवाओं से इस रोग में राहत मिल सकती है।
जर्नल लैंसेट में छपी एक रिपोर्ट की मानें तो एंटीवायरल दवाएं मंकीपॉक्स रोग से शीघ्र उबरने में कारगर साबित हो सकती हैं। ये दवाएं लक्षणों को कम कर सकती हैं और रोगी को रोग से शीघ्र ठीक करने में सहायता कर सकती हैं। ब्रिटेन के लिवरपूल यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल्स एनएचएस फाउंडेशन ट्रस्ट में ये स्टडी की गई है।
मरीजों पर इस्तेमाल हुईं 2 दवाएं
इन रोगियों पर दो दवाएं इस्तेमाल की गई थीं। ये दवाएं हैं- Brincidofovir और Tecovirimat. पहली दवा के इस्तेमाल से रोगियों को खास लाभ नहीं हुआ था। ये दवा तीन रोगियों पर इस्तेमाल की गई थी। इन रोगियों के लिवर एंजाइम्स का लेवल भी दवा के बाद थोड़ा खराब हुआ था। हालांकि सभी रोगी कुछ समय के बाद रिकवर हो गए थे। 2021 में यूनाइटेड किंगडम के एक रोगी में दूसरी दवा Tecovirimat इस्तेमाल की गई थी, इस रोगी की रिकवरी शीघ्र हुई और दूसरे आदमी को संक्रमित करने का खतरा भी कम हुआ।
रिसर्च में सामने आई ये बात
रिसर्चर्स ने पाया है कि मंकीपॉक्स वायरस खून में भी पाया गया और सलाइवा में भी। हालांकि स्टडी में दावा किया गया कि इससे पहले मंकीपॉक्स इतने बड़े स्तर पर कभी नहीं फैला है। लेकिन अभी भी इसके बहुत बड़े स्तर पर फैलने का खतरा कम ही है। इसके अतिरिक्त कम लोगों पर स्टडी होने की वजह से शोधकर्ताओं ने किसी भी एंटीवायरल दवा को इस्तेमाल करने में सावधानी बरतने की राय दी है।
रिसर्च के प्रमुख लेखक एडलर ने कहा, ‘महामारी के इस नए प्रकोप ने ब्रिटेन में पहले की तुलना में अधिक रोगियों को प्रभावित किया है जबकि पहले मंकीपॉक्स का लोगों के बीच तेजी से संक्रमण नहीं हुआ था, इसलिए कुल मिलाकर फिलहाल इसका जोखिम कम है।’