कोपेनहेगन, 03 मई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन में पीएम मेटे फ्रेडरिक्सन से अहम मुलाकात के बाद वहां पर रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित किया। मोदी भारतीय समुदाय के सदस्यों को संबोधित करने बेला सेंटर पहुंचे, जहां भारी तादाद में आए भारतीय समुदाय के लोगों से दिल की बात की। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि आज प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन का यहां होना इस बात का प्रमाण है कि भारतीयों के प्रति उनके दिल में कितना सम्मान और प्यार है, मैं उन्हें इस कार्यक्रम के लिए समय निकालने और यहां आने के लिए बहुत धन्यवाद करता हूं।
भारतीयों से बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि एक भारतीय दुनिया में कहीं भी जाए, वो अपनी कर्मभूमि और उस देश के लिए पूरी ईमानदारी से कंट्रीब्यूट करता है। अनेक बार जब मेरी विश्व नेता से मुलाकात होती है तो वे अपने देशों में बसे भारतीय समुदाय की उपलब्धियों के बारे में मुझे गर्व से बताते हैं। उन्होंने कहा कि भाषा जो भी हो, हमारी संस्कृति भारतीय है।
‘भाषा कोई भी हो, लेकिन हम सभी के संस्कार भारतीय’
पीएम मोदी ने आगे कहा कि भाषा अनेक लेकिन भाव एक, भाषा कोई भी हो, लेकिन हम सभी के संस्कार भारतीय ही हैं। हमारी खाने की थाली बदल जाती है, स्वाद बदल जाता है। लेकिन स्नेह से बार-बार आग्रह करने का भारतीय तरीका नहीं बदलता। हम राष्ट्ररक्षा के लिए मिलकर खड़े होते हैं, राष्ट्रनिर्माण में मिलकर जुटते हैं। अगर भारत मेड इन इंडिया, सस्ती और प्रभावी वैक्सीन पर काम ना करता, बड़े स्केल पर प्रोडक्शन ना करता, तो दुनिया के अनेक देशों की क्या स्थिति होती? भारत जब अपने नागरिकों को गरीबी से बाहर निकालता है तो दुनिया से गरीबी कम होती है।
पीएम मोदी ने दिया ‘लाइफ’ का मंत्र
तीन देशों की यूरोप यात्रा के दूसरे फेज में डेनमार्क पहुंचे पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारत आज जो कुछ भी हासिल कर रहा है, वह मानवता के लगभग पांचवें हिस्से की उपलब्धि है। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण और हरित रणनीतिक साझेदारी के बारे में भी बात की। उन्होंने ‘लाइफ’ का आह्वान किया और कहा कि जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए लाइफ-लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए।