वाशिंगटन, 13 जून (आईएएनएस). अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने पीएम मोदी की आनें वाले ऐतिहासिक यात्रा के बारे में बात करते हुए बोला कि दोनों राष्ट्रों के बीच सेमीकंडक्टर और रक्षा जैसी जरूरी प्रौद्योगिकियों में उभरते योगदान के मूल में रणनीतिक निर्भरता को कम करने का हिंदुस्तान का विचार है.
अमेरिकी चैम्बर ऑफ कॉमर्स के अंग अमेरिका-भारत व्यापार परिषद के वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए ब्लिंकेन ने कहा, इस सभी योगदान का केंद्र बिन्दु विश्वसनीय राष्ट्रों के साथ हमारी आपूर्ति श्रंखलाओं में विविधता और गहराई लाना तथा रणनीतिक निर्भरता को कम करना है.
ब्लिंकेन उभरती जरूरी प्रौद्योगिकियों पर दोनों राष्ट्रों के बीच योगदान में हालिया उछाल का जिक्र कर रहे थे. पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने 2022 में इस पर चर्चा प्रारम्भ की थी और इस वर्ष की आरंभ में दोनों राष्ट्रों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों अजीत डोभाल और जेक सुलिवन की बैठक में दोनों पक्षों द्वारा इसे गति दी गई.
इसकी अगली कड़ी की घोषणा मोदी की जून के अंत में होने वाली अमेरिका यात्रा के दौरान की जा सकती है: हिंदुस्तान में अमेरिकी कद्दावर जनरल इलेक्ट्रिक (जीई) जेट इंजन का संयुक्त उत्पादन. हिंदुस्तान वर्तमान में इस्तेमाल के लिए तैयार जीई जेट इंजनों का इस्तेमाल करता है.
शीर्ष अमेरिकी राजनयिक ने बोला कि दोनों राष्ट्र सेमीकंडक्टर और और सौर ऊर्जा उपकरणों के क्षेत्र में भी योगदान कर सकते हैं जिससे इनके लिए चीन पर हिंदुस्तान की निर्भरता खत्म होगी. उन्होंने तमिलनाडु में सौर निर्माण संयंत्र में अमेरिकी निवेश के बारे में भी बात की.
हालांकि ब्लिंकन ने यह नहीं बोला कि अमेरिका को रणनीतिक निर्भरता कम करने के मुद्दे में हिंदुस्तान से उम्मीदें हैं, लेकिन यह रूसी ऑयल पर हिंदुस्तान की निर्भरता की स्वीकृति हो सकती है. हिंदुस्तान अमेरिकी प्रतिबंधों की अनदेखी करते हुए अपने स्वयं के इस्तेमाल और निर्यात के लिए भारी रियायती दरों पर रूस से ऑयल आयात कर रहा है.
विदेश मंत्री द्विपक्षीय संबंधों को लेकर बहुत आशान्वित दिखे.
किसी भारतीय पीएम के लिए अमेरिका द्वारा राजकीय रात्रिभोज का आयोजन लगभग 14 सालों के बाद किया जा रहा है. पीएम मोदी के लिए यह पहली बार होगा.