सार्वभौमिक अपील को स्वीकार करते हुए दिसंबर 2014 में संयुक्त देश ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में घोषित किया. इस बार के योग डे की थीम ‘योग फॉर वसुधैव कुटुंबकम’ है.
21 जून को पीएम मोदी न्यू यॉर्क में यूएन हेडक्वॉर्टर में योग दिवस मनाएंगे और कार्यक्रम को लीड करेंगे. अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का उद्देश्य कई लाभों के बारे में पूरे विश्व में जागरूकता बढ़ाना है. इसकी सार्वभौमिक अपील को स्वीकार करते हुए दिसंबर 2014 में संयुक्त देश ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में घोषित किया. इस बार के योग डे की थीम ‘योग फॉर वसुधैव कुटुंबकम’ है.
शीर्ष अधिकारियों, राजदूतों होंगे शामिल
योग सत्र 21 जून को सुबह 8 बजे से 9 बजे (भारतीय समय मुताबिक 5:30 शाम 6:30 बजे ) तक संयुक्त देश मुख्यालय में विस्तृत उत्तरी लॉन में चलेगा. यह पहली बार है जब कार्यक्रम की मेजबानी विदेश में की जा रही है, इससे पहले पीएम ने पहले से चुने हुए शहरों, क्रमशः दिल्ली, चंडीगढ़, लखनऊ, देहरादून, रांची और मैसूर में कार्यक्रम की मेजबानी की थी. अमेरिका के ऐतिहासिक योग सत्र में संयुक्त देश के शीर्ष अधिकारियों, राजदूतों, दूतों, सदस्य राष्ट्रों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय और प्रवासी समुदाय के प्रमुख सदस्यों के भाग लेने की आशा है.
योग डे बनने का सफर
आधिकारिक तौर पर पूरी दुनिया में इसे मान्यता दिलाने की गंभीर और निर्णायक पहल पिछले वर्ष 27 सितम्बर 2014 को हुई. उस दिन युएन में दिए अपने पहले भाषण में पीएम मोदी ने एक प्रस्ताव पेश किया जिसके अनुसार 21 जून को इंटरनेशनल योग दिवस मानाने की बात कही गई. उन्होंने शरीर और दिमाग पर पड़ने वाले योग के सकारात्मक असर की चर्चा की. इसके बाद 11 दिसंबर 2014 को युएन ने घोषणा कि की हर वर्ष 21 जून को आधिकारिक तौर पर इंटरनेशनल योग डे मनाया जाएगा.
भारत में क्या है कार्यक्रम
भारत में इसका मुख्य इवेंट मध्य प्रदेश के जबलपुर में होगा. यहां करीब 15000 लोग शामिल होंगे. इस कार्यक्रम के चीफ गेस्ट वाइस प्रेजिडेंट होंगे. कार्यक्रम में पीएम मोदी का प्री-रिकॉर्डेड विडियो चलाया जाएगा. इस इवेंट को दूरदर्शन के सभी चैनलों में लाइव दिखाया जाएगा. योग दिवस पर भारतीय नेवी के शिप दुनिया के 9 पोर्ट में होंगे. इनमें योग का प्रदर्शन किया जाएगा. इसे ‘ओशन रिंग ऑफ योग’ का नाम दिया गया.