Taiwan-China Conflict: ताइवान की सेना ने चीनी ड्रोन पर गोली चला दी. ताइवान इसे अपनी तरफ से चेतावनी कार्रवाई बता रहा है. ताइवानी सेना ने बोला कि उसने चीनी तट के निकट स्थित उसकी चौकियों के ऊपर उड़ रहे चीनी ड्रोन पर चेतावनी स्वरूप गोलीबारी की है. ताइवान का संकल्प है कि वह उकसाने वाले चीन के किसी भी कदम का उत्तर देगा. ताइवानी सेना ने यहां जारी बयान में बोला कि बल ने यह कदम मंगलवार को किनमैन द्वीप समूह के ऊपर ड्रोन को उड़ते हुए देखने के बाद उठाया. इस द्वीपसमूह के जिस डडान द्वीप के ऊपर ड्रोन उड़ रहा था वह चीन के तट से करीब 15 किलोमीटर दूर है. बयान के अनुसार गोलीबारी के बाद ड्रोन नजदीकी चीनी शहर शियामैन लौट गया. यह घटना इस महीने की आरंभ में चीन द्वारा समुद्र में मिसाइल दागने, लड़ाकू विमान और पोत भेजने के बाद बढ़े तनाव के बाद हुई है. गौरतलब है कि अगस्त महीने की आरंभ में अमेरिकी कांग्रेस पार्टी (संसद) के निम्न सदन प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष नैंसी पेलोसी की ताइपे यात्रा के बाद से ताइवान पर चीन की ओर से सेना दबाव बनाया जा रहा है.
चीन, ताइवान को अपना भू-भाग मानता है
चीन के सैन्यभ्यास का तइवान के प्रमुख सहयोगी अमेरिका के साथ ऑस्ट्रेलिया और जापान जैसे राष्ट्रों ने कड़ी आलोचना की थी. इस महीने के प्रारम्भ में चीन द्वारा दागी गई कुछ मिसाइलें जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र में भी गिरी थीं. ताइवान का ताइवान जलडमरुमध्य स्थित किनमैन और मात्सु द्वीप समूहों पर नियंत्रण है. इस बीच, अमेरिकी राज्य एरिजोना के गवर्नर डौग ड्यूसी सेमीकंडक्टर उत्पादन पर चर्चा करने के लिए ताइवान की यात्रा पर हैं. उनकी प्रयास ताइवानी आपूर्तिकर्ताओं को ताइवान सेमीकंडक्टर मैनुफैक्चरिंग कॉरपोरेशन की 12 अरब $ की नई इकाई एरिजोना में लगाने के लिए मनाने की है. पिछले हफ्ते इसी उद्देश्य से इंडियाना राज्य के गवर्नर ने भी ताइवान की यात्रा की थी.
अमेरीका को चीन की चुनौती
ड्यूसी की ताइवान यात्रा पर प्रतिक्रिया देते हुए चीन ने बुधवार को इस बात पर जोर देते हुए बोला कि वह अमेरिका और ताइवान के बीच किसी भी आधिकारिक संबंध का विरोध करता है. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कहा, ‘‘हम अमेरिका के भीतर उपस्थित संबंधित पक्षकारों से भी आह्वान करते हैं. वे ताइवान के साथ किसी भी तरह का आधिकारिक संपर्क रोके और ताइवान की स्वतंत्रता समर्थक शक्तियों को गलत संदेश भेजने से बचे.’’ उन्होंने कहा, ‘‘ चीन अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए मजबूत कदम उठाएगा.’’