चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सोमवार को जर्मन चांसलर ओलाफ शोल्ज के साथ एक आभासी सम्मेलन किया, जिसमें दोनों राष्ट्रों के संबंधों की स्थिर, रचनात्मक और स्टीयरिंग भूमिकाओं के महत्व पर जोर दिया गया.
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चीन और जर्मनी दोनों जरूरी असर वाले बड़े राष्ट्र हैं. वर्तमान परिस्थितियों में, दोनों राष्ट्रों के लिए यह जरूरी है कि वे ध्वनि और स्थिर द्विपक्षीय विकास को बनाए रखें और संबंधों के स्थिर, रचनात्मक और स्टीयरिंग फ़ंक्शन का बेहतर उपयोग करें. शी ने बोला कि इससे न सिर्फ चीन और जर्मनी के लोगों को लाभ होगा, बल्कि इससे अंतर्राष्ट्रीय शांति और शांति में भी काफी सहयोग मिलेगा.
शी ने जोर देकर बोला कि पिछले पांच दशकों में चीन-जर्मनी संबंधों में लगातार प्रगति हुई है, जिसके दौरान दोनों राष्ट्र एक साथ बढ़े हैं और व्यावहारिक योगदान बढ़ाने के माध्यम से एक-दूसरे की समृद्धि में सहयोग दिया है. यह काफी हद तक पारस्परिक सम्मान और जीत-जीत योगदान के लिए प्रतिबद्धता के कारण है, एक जरूरी सबक सीखा और एक दर्शन जिसका हर समय पालन किया जाना चाहिए.