अमेरिका के कई राज्यों में इस समय आसमान बिल्कुल हरा दिखाई दे रहा है. नेब्रास्का, मिनेसोटा और इलिनोइस राज्य मंगलवार को डेरेचो नामक तूफान प्रणाली की चपेट में आ गए. जैसे ही तूफान आया, लगभग 140 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने लगीं. बिजली की लाइनें टूट गईं और पेड़ धराशायी हो गए. हालांकि तूफान आने पर इस तरह की घटनाएं होती रहती हैं लेकिन आसमान का हरा हो जाना थोड़ा अजीब है. यही नहीं लोग इसे नेटफ्लिक्स की बहुचर्चित वेब सीरीज ‘स्ट्रेंजर थिंग्स’ (Stranger Things) का सीन बता रहे हैं.
वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक जैसे ही तूफान आया वैसे ही आसमान हरा-भरा दिखने लगा. यहां तक कि कई अनुभवी तूफान एक्सपर्ट्स ने दावा किया है कि उन्होंने इस तरह के वायुमंडलीय परिवर्तन को कभी नहीं देखा है. आइए जानते हैं कि डेरेचो तूफान क्या है और इसने अमेरिका के आसमान को हरा कैसे किया?
अमेरिका के राष्ट्रीय मौसम विभाग के मुताबिक डेरेचो एक व्यापक, लंबे समय तक चलने वाला, सीधी-रेखा वाला तूफान है. इस दौरान “एक बड़े स्तर पर लंबे समय तक तेज हवाएं सीधी लाइन में चलती रहती हैं जो “तेजी से होने वाली बारिश या गरज का कारण बनती हैं.” यह नाम स्पैनिश शब्द ‘ला डेरेचा’ से आया है जिसका अर्थ है ‘सीधा’. सीधी रेखा के तूफान वे होते हैं जिनमें गरज के साथ कोई रोटेशन नहीं होता है. हालांकि टोर्नाडो या बवंडर के दौरान इसके उल्टा होता है. यानी गरज के साथ हवा में रोटेशन होता है. सीधी रेखा के तूफान सैकड़ों मील की यात्रा करते हैं और एक विशाल क्षेत्र को कवर करते हैं.
गर्म-मौसम की स्थिति होने के कारण डेरेचो तूफान आम तौर पर (हमेशा नहीं) मई की आरंभ में गर्मियों के दौरान आते हैं. इसकी जून और जुलाई में सबसे अधिक मार होती है. हालांकि, अन्य बवंडर या तूफान की तुलना में वे एक दुर्लभ घटना हैं और बहुत कम देखने को मिलती है. डेरेचो तूफान उसे ही बोलेंगे जिसमें कम से कम 93 किमी प्रति घंटे की हवा का झोंका होगा. इसके अतिरिक्त हवा का क्षेत्र 400 किमी से अधिक तक फैला हो.
अमेरिका में आए डेरेचो के दौरान आसमान हरा क्यों हो गया?
तूफान के चलते वातावरण में पानी की मात्रा अधिक हो जाती है. ऐसे में भारी मात्रा में पानी के साथ लाइट (प्रकाश) के विवाद के कारण तूफान के दौरान ‘आसमान हरा’ हो जाता है. वाशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट में बोला गया है कि ऐसा माना जाता है कि बड़ी बारिश की बूंदें और ओले नीली तरंग को छोड़कर बाकी सभी तरंगों को इधर उधर बिखेर देते हैं. इसके कारण मुख्य रूप से नीली रोशनी तूफानी बादल के नीचे प्रवेश कर जाती है. रिपोर्ट में बोला गया है कि यही नीला रंग दोपहर या शाम के सूरज के लाल-पीले रंग के साथ मिलकर हरा रंग देता है.