ईसाई बहुसंख्यक वाले राष्ट्र ऑस्ट्रेलिया में ईसाइयों की जनसंख्या तेजी से घट रही है। ऑस्ट्रेलिया में अब 50 फीसदी से भी कम ईसाई बचे हैं, जबकि 2016 में यहां स्वयं को ईसाई कहने वाले लोगों की जनसंख्या 52% थी। ऑस्ट्रेलिया में अब सिर्फ 44 प्रतिशत ही ईसाई रह गए हैं। वहीं, हिंदू और मुसलमानों की जनसंख्या में भारी वृद्धि हुआ है। 2016 में यहां हिंदुओं की जनसंख्या 1.9 लाख थी, जो अब बढ़कर 3 लाख हो गई है। वहीं, 2016 में आस्ट्रेलिया में मुसलमानों की जनसंख्या 2.6 लाख थी, अब बढ़कर 3.20 लाख हो गई है। कुल जनसंख्या में हिंदू और मुसलमानों का फीसदी भले ही बहुत कम हो, लेकिन जनसंख्या में वृद्धि का फीसदी बहुत ही अधिक है। इसके साथ ही ऑस्ट्रेलिया में नास्तिकों की संख्या में भी तेजी से वृद्धि हो रहा है। अब यहां 39 फीसदी नास्तिक हैं।
50 साल पहले 90 प्रतिशत थी ईसाई आबादी
दरअसल, 2021 के जनगणना से जो आंकड़े उभर कर सामने आए हैं। उसके अनुसार ऑस्ट्रेलिया में पहली बार ऐसा हुआ है कि राष्ट्र में ईसाई बताने वालों की संख्या 50 प्रतिशत से कम हो गई है। उल्लेखनीय है कि अब से 50 साल पहले यह आंकड़ा 90 प्रतिशत का था। हालांकि, इसके बाद भी राष्ट्र में ईसाई धर्म को मानने वालों की संख्या अब भी सबसे अधिक है। इसके बाद दूसरे नंबर पर 39 प्रतिशत लोग वो हैं, जो किसी भी धर्म में आस्था नहीं रखते। ऑस्ट्रेलिया दुनिया के उन राष्ट्रों में से एक है, जहां नास्तिकों का फीसदी कुल जनसंख्या में इतना अधिक है।
ऑस्ट्रेलिया में साल 2021 में हुई नयी जनगणना के आंकड़ों के अनुसार राष्ट्र में ईसाइयों की जनसंख्या 50 प्रतिशत से भी कम रह गई है। इसके अतिरिक्त किसी भी धर्म को न मानने वाले यानी नास्तिकों की संख्या 39 प्रतिशत हो गई है। बीते 5 सालों में इसमें 9 फीसदी का वृद्धि हुआ है। उल्लेखनीय है कि ऑस्ट्रेलिया में हर 5 साल में जनगणना कराई जाती है, जिसके आंकड़ों ने कई नयी जानकारियां सामने आई हैं। ऑस्ट्रेलिया में हुई नयी जनगणना के आंकड़ों के अनुसार यहां की जनसंख्या ढाई करोड़ से अधिक हो गई है। अब राष्ट्र की जनसंख्या दो करोड़ 55 लाख हो गई है। इससे पहले 2016 में ऑस्ट्रेलिया की जनसंख्या दो करोड़ 34 लाख थी। इस तरह राष्ट्र की जनसंख्या बीते 5 वर्षों में 21 लाख बढ़ी है।
पिछले 5 सालों में आस्ट्रेलिया जाकर बसने वालों में 25 फीसदी भारतीय
ऑस्ट्रेलिया के 2021 के जनगणना के आंकड़ों में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। इस जनगणना के आंकड़ों के अनुसार ऑस्ट्रेलिया की आधी से अधिक जनसंख्या या तो विदेशों में पैदा हुई है या उनके माता पिता विदेशों में पैदा हुए हैं। पिछले पांच साल के दौरान आस्ट्रेलिया में 10 लाख से ज़्यादा लोग दूसरे राष्ट्रों से जाकर बसे। इनमें से तकरीबन एक चौथाई लोग हिंदुस्तान से वहां पहुंचे हैं। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया में अभी सबसे अधिक संख्या ऐसे लोगों की है, जिनका जन्म ऑस्ट्रेलिया में ही हुआ है। इसके बाद ऐसे लोगों की संख्या हैं, जिनका जन्म इंग्लैंड में हुआ है। इन दोनों राष्ट्रों के बाद तीसरा नंबर ऐसे लोगों का है, जिनका जन्म हिंदुस्तान में हुआ है।