तेहरान: अभी विश्व रूस और यूक्रेन में चल रहे युद्ध के दुष्परिणामों से ही जूझ रहा है, वहीं अब ईरान और तालिबान में भी जंग प्रारम्भ होती नज़र आ रही है. रविवार (28 मई) को तालिबान ने धमकी देते हुए बोला है कि आदेश मिलते ही वो 24 घंटों के अंदर ईरान पर कब्ज़ा कर लेगा. साथ ही तालिबान के कमांडर अब्दुल्ला हामिद खुरासानी ने एक वीडियो सन्देश जारी कर दावा किया है कि उसके लड़ाके ईरान के विरूद्ध भी उसी जोश से लड़ेंगे, जैसे अमेरिका के विरूद्ध लड़े थे.
रिपोर्ट के अनुसार, खुरासानी ने बोला है कि जैसे ही तालिबान के शीर्ष नेतृत्व द्वारा जिहाद के लिए हरी झंडी दिखाई जाएगी, वैसे ही ईरान पर कब्ज़ा करने का आगाज़ कर दिया जाएगा. यही नहीं, तालिबानियों ने ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी का मज़ाक उड़ाते हुए भी वीडियो जारी किया है. इसमें एक तालिबानी कंटेनर में पानी डालता नज़र आता है और कहता है कि, ‘इब्राहिम रईसी, आकर ये वॉटर बैरल ले लो, लेकिन हमला मत करो. हम डर गए हैं.’ बता दें कि, ईरान की मीडिया ने फ़िलहाल इस संघर्ष का कारण तो नहीं बताया है, लेकिन ये जरूर बोला है कि ये ड्रग स्मग्लिंग को लेकर है. वहीं, ये जानकारी भी सामने आई है कि पहले तालिबान ने सरहद पर तैनात ईरानी फ़ौज पर गोलीबारी की थी. वहीं तालिबान की तरफ से बताया गया है कि पानी को लेकर ये जंग चल रही है.
दरअसल, ईरान और अफगानिस्तान के बीच हेलमंद नदी बहती है, जिसे लेकर ईरान पहले ही चेतावनी दे चुका है. जब से तालिबान अफगानिस्तान की सत्ता में आया है, तब से ये विवाद और अधिक बढ़ गया है. 1973 की एक संधि में निर्णय हुआ था कि अफगानिस्तान को इस नदी की पानी का एक हिस्सा ईरान के लिए छोड़ना होगा. वहीं, ये भी बोला जा रहा है कि पानी के अतिरिक्त दोनों राष्ट्रों में मजहब को लेकर भी विवाद है, दोनों में से सच्चा मुसलमान कौन है ? इसको लेकर भी संघर्ष चल रहा है.
वहीं, ईरान के गृह मंत्री का बोलना है कि तालिबान को कड़ा उत्तर दे दिया गया है और सरहद पर स्थिति नियंत्रण में है. ईरान गवर्नमेंट ने बताया है कि तालिबान की फायरिंग में उसके दो सैनिक मारे गए हैं. उन्होंने बोला कि अब बॉर्डर पर शांति है, तालिबान ने उकसाने वाली कार्रवाई की थी. ईरान की सेना ने तालिबान को चेतावनी देते हुए बोला है कि अंतर्राष्ट्रीय संधि का उल्लंघन करने पर उसके विरूद्ध ईरान अपना रुख बदल लेगा.