रियाध: इस्लामी देश सऊदी अरब की कई यूनिवर्सिटी में योग अब शैक्षणिक पाठ्यक्रम के तौर पर शामिल किया जाएगा. इसके लिए अगले कुछ महीनों में कई अनुबंधों पर हस्ताक्षर होने हैं. ‘सऊदी योग कमिटी’ के चीफ नउफ अल-मारवाई ने इस बारे में जानकारी दी है. रियाद में आयोजित एक कार्यक्रम में इसका घोषणा किया गया है. सऊदी अरब की राजधानी में ये कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसका थीम था – साम्राज्य के खेल के प्रति भविष्य की दृष्टि को आगे बढ़ाने के लिए यूनिवर्सिटी में खेल किस प्रकार किरदार निभा सकते हैं.
‘सऊदी यूनिवर्सिटीज स्पोर्ट्स फेडरेशन’ ने राष्ट्र के शिक्षा मंत्रालय के साथ संयुक्त रूप से इस कार्यक्रम का आयोजन किया था. कई बड़े ऑफिसरों के साथ ही कई जानकार भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए. अल-मारवाई ने बोला कि राष्ट्र की यूनिवर्सिटियों में योग को लाने के लिए लगातार कड़ी कोशिशें की जा रही है. उच्च-शिक्षा के संस्थानों को समझाया जा रहा है कि स्वस्थ और फिट रहने के लिए योग अत्यंत आवश्यक है.
अल-मारवाई ने बोला कि योग न सिर्फ शारीरिक, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी दुरुस्त रखता है. उन्होंने सऊदी अरब के ‘विज़न 2030’ की दिशा में इसे बहुत मददगार करार दिया. उन्होंने बोला कि इसके लिए खेल से संबंधित गतिविधियों में भाग लेने को बढ़ावा देना होगा. उन्होंने बोला कि इससे क्षेत्रीय स्तर पर, राष्ट्रीय के स्तर पर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी काफी सहायता मिलेगी. उन्होंने बोला कि जैसा कि ज्यादातर लोग समझते हैं, योग मात्र मैडिटेशन और रिलैक्सेशन नहीं है.
उन्होंने बताया कि, राष्ट्र में योगासन से संबंधित स्पोर्ट्स भी प्रारम्भ किए जा रहे हैं. इस क्षेत्र में प्रतिभाओं की खोज भी की जा रही है. इसके बाद उन्हें आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि वो इंटरनेशनल टूर्नामेंटों में राष्ट्र का नाम ऊंचा कर सकें. बता दें कि सऊदी अरब के व्यापार एवं उद्योग मंत्रालय ने नवंबर 2017 के योग को खेल गतिविधियों के तौर पर मान्यता प्रदान की थी. साल 2017 के बाद ही वहाँ कोई योग सिखाना या इसे बढ़ावा देना चाहे, तो लाइसेंस लेकर अपना कार्य आरम्भ कर सकता है.