आतंकी हाफिज सईद (Hafiz Saeed) को पाक की एंटी टेरर न्यायालय ने 31 वर्ष कारागार की सजा सुनाई है। साथ ही सईद पर न्यायालय ने 3 लाख 40 हज़ार रुपये का अपराधाना भी लगाया है। उसे टेरर फंडिंग के दो मामलों में न्यायालय ने सजा सुनाई है। जमात उद दावा (जेयूडी) के प्रमुख हाफिज सईद को संयुक्त देश ने वैश्विक आतंकी घोषित कर रखा है। वहीं अमेरिका ने उसके सिर पर 10 मिलियन अमेरिकी $ का पुरस्कार रखा हुआ है। हाफिज सईद मुंबई में वर्ष 2008 के आतंकी हमले में वांछित है, जिसमें 161 लोग मारे गए थे।
पाक की एंटी टेरर न्यायालय ऐसे ही पांच अन्य मामलों में सईद को 36 वर्ष कारागार की सजा सुना चुकी है। यानि 68 वर्ष कैद की कुल सजा एक साथ चलेगी। एक वकील ने बताया कि सईद को ज्यादा वर्ष कारागार में नहीं बिताना पड़े क्योंकि उसकी सजा साथ-साथ चलेगी।
न्यायालय के एक अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि शुक्रवार को आतंकवाद निरोधक न्यायालय (एटीसी) के न्यायाधीश एजाज अहमद ने पंजाब पुलिस के आतंकवाद रोधी विभाग द्वारा रेट्ज दो प्राथमिकी 21/2019 और 90/2019 में सईद को सजा सुनाई है।
उन्होंने कहा कि सईद को लाहौर की कोट लखपत कारागार से न्यायालय में लाया गया। सईद इसी कारागार में जुलाई 2019 से बंद है। हाफिज सईद को काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (सीटीडी) ने जुलाई 2019 में उस समय अरैस्ट किया था, जब वह लाहौर से गुजरांवाला जा रहा था।
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