नई दिल्लीः अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन कैंसर की रोग से ग्रस्त थे. डॉक्टरों के मुताबिक उनकी त्वचा में घावयुक्त कैंसर था. यह जो बाइडन के सीने में था, जिसे पिछले महीने डॉक्टरों ने सफलतापूर्वक हटाने का दावा किया हगै. बाइडन के डॉक्टरों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. व्हाइट हाउस के चिकित्सक केविन ओ’कोनोर ने बताया कि 16 फरवरी को राष्ट्रपति की शारीरिक जांच के दौरान ‘‘सभी कैंसरयुक्त ऊतक सफलतापूर्वक हटा दिए गए. उन्होंने बाइडन (80) को व्हाइट हाउस की अपनी जिम्मेदारियां निभाने के लिए पूरी तरह स्वस्थ करार दिया है.
सीने से कैंसर युक्त त्वचा को काटकर निकाला
डॉक्टर ने बताया कि बाइडन के सीने में जिस स्थान से घाव निकाला गया, वह पूरी तरह ठीक हो गयी है और राष्ट्रपति त्वचा की नियमित जांच कराते रहेंगे. उनकी छाती से जो घाव निकाला गया वे बेसिल कोशिकाएं थीं. बेसिल कोशिकाएं कैंसर की सबसे आम और सरलता से ठीक होने वाली कोशिकाएं हैं. ओ’कोनोर ने बताया कि ये अन्य कैंसर की तरह अधिक तेजी से फैलती नहीं हैं, लेकिन इनका आकार बड़ा हो सकता है. इसलिए इन्हें हटा दिया जाता है. यह कैंसर धूप के संपर्क में आने से फैलता है. ओ’कोनोर ने बोला कि राष्ट्रपति ने अपनी युवावस्था के दौरान धूप में काफी समय बिताया था. प्रथम स्त्री जिल बाइडन ने भी जनवरी में दो बेसिल कोशिकाओं वाले घाव हटवाए थे. उल्लेखनीय है कि बाइडन के बेटे ब्यू की 2015 में मस्तिष्क के कैंसर की वजह से मृत्यु हो गयी थी.
कैंसर का ऑपरेशन कराने के चौथे दिन ही यूक्रेन पहुंच गए थे बाइडन
आपको जानकर आश्चर्य होगी कि जो बाइडन अपने त्वचा के कैंसर का ऑपरेशन कराने के चौथे दिन ही यूक्रेन की राजधानी कीव पहुंच गए थे. डॉक्टरों के मुताबिक गत 16 फरवरी को इनका ऑपरेशन किया गया. वह 20 फरवरी को यूक्रेन पहुंच गए थे. जबकि यात्रा के लिए इसके दो दिन पहले ही रवाना हो गए थे. इसका मतलब है कि कैंसर का ऑपरेशन कराने के दूसरे दिन ही जो बाइडन कीव के लिए रवाना हो चुके थे, क्योंकि यूक्रेन पहुंचने के लिए उन्होंने करीब 39 घंटे का यात्रा तय किया था.