US Warns China: हिंदुस्तान का कद जितना बढ़ता है, चीन उतना ही जलता है। लेकिन नए हिंदुस्तान को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। QUAD की बैठक के लिए पीएम मोदी जापान की राजधानी टोक्यो में हैं। उन्होंने सोमवार को भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित किया और इन सबके बीच आज चीन के विरूद्ध सबसे बड़ी हड़ताल का ट्रेलर भी रिलीज हुआ। इस ट्रेलर का नाम है IPEF यानी इंडो-पैसिफिक इकोनॉमिक फ्रेमवर्क। ये ड्रैगन पर बुलडोजर चलने जैसा है।
अमेरिका की चीन को चेतावनी
क्वाड की बैठक कल होनी है लेकिन अमेरिका ने चीन को लेकर अपने इरादे आज ही जाहिर कर दिए। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने चीन को चेतावनी दी है कि यदि ताइवान पर हमला किया तो छोड़ेंगे नहीं। उत्तर चीन का भी आया है। क्वाड की बैठक से पहले अमेरिका ने चीन के विस्तारवादी नीति पर प्रहार किया है। टोक्यो से जो बाइडेन ने चीन के राष्ट्रपति को ताइवान को लेकर चेतावनी दी और बोला कि वो खतरे से न खेलें। हालांकि चीन ने भी पलटवार करते हुए बोला कि अमेरिका उसके संकल्प को कम करके आंकने की प्रयास न करे।
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जापान की धरती से अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को खुली चुनौती दे डाली है। ये चुनौती ताइवान को लेकर है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने साफ कर दिया है कि ताइवान के मुद्दे पर चीन खतरे से खेल रहा है और यदि चीन ने ताइवान पर हमला किया तो वो चुप नहीं बैठेंगे। बाइडेन ने बोला है कि अमेरिका सैन्य दखल के जरिए ताइवान की रक्षा करने को तैयार है।
नहीं चलेगी ड्रैगन की मनमानी
इतना ही नहीं एक कदम आगे बढ़ते हुए जो बाइडेन ने साफ कर दिया कि यदि चीन बल प्रयोग करके कुछ भी हथियाने की प्रयास करता है तो ये ठीक नहीं होगा। बाइडेन ने बोला कि चीन पहले से ही इतने करीब से उड़ान भरकर और सभी युद्धाभ्यास करके खतरे से छेड़खानी कर रहा है, लेकिन अमेरिका प्रतिबद्ध है।
ताइवान पर अमेरिका के रुख को लेकर चीन कई बार अमेरिका को चेता चुका है। इस बार भी चीन ने बाइडेन की चेतावनी पर पलटवार किया है। चीन ने बोला है कि अमेरिका, ताइवान के मामले पर सावधानी बरते और चीनी नागरिकों के संकल्प को कमतर आंकने की गलती ना करे। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने बोला कि संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता सहित चीन के मूल हितों से जुड़े मुद्दों पर समझौता या रियायत के लिए कोई स्थान नहीं है। किसी को भी अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए चीनी लोगों के दृढ़ संकल्प, इच्छाशक्ति और क्षमता को कम करके नहीं आंकना चाहिए और 1.4 अरब चीनी लोगों के विरूद्ध खड़ा नहीं होना चाहिए।
ताइवान पर जताता है कब्जा
विस्तारवाद चीन की नीति का अहम हिस्सा रहा है। आज के दिन 23 मई 1951 को चीन ने तिब्बत पर औपचारिक रूप से अतिक्रमण कर लिया था। अब चीन ताइवान पर कब्जे की प्रयास में है। वो ताइवान को अपना आतंरिक मामला बताता है। गाहे-बगाहे चीन के लड़ाकू विमान ताइवान में घुसपैठ करते रहते हैं। इस वर्ष भी जनवरी और अप्रैल में ताइवान के वायु सीमा में चीनी घुसपैठ की कोशिशें हुई थीं।दरअसल रूस-यूक्रेन जंग से चीन का मनोबल बढ़ा है और वो ताइवान पर कब्जे का सपना संजोए बैठा है। लेकिन चीन के विस्तारवादी सोच की अमेरिका को भनक लग गई है और इसलिए बाइडेन ने जिनपिंग को खुली चुनौती दे डाली है।