नई दिल्ली, 21 मई (आईएएनएस). राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने रविवार को जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के एक सदस्य को जम्मू और कश्मीर में आतंकवादी षड्यंत्र मुद्दे में कथित संलिप्तता के आरोप में अरैस्ट किया.
एनआईए ने बोला कि कुपवाड़ा जिला निवासी आरोपी मोहम्मद उबैद मलिक पाक स्थित जैश-ए-मोहम्मद कमांडर के लगातार संपर्क में था.
अधिकारी ने कहा, जांच से पता चला है कि आरोपी पाक स्थित कमांडर को विशेष रूप से सैनिकों और सुरक्षा बलों की आवाजाही के बारे में गुप्त सूचना दे रहा था. एनआईए ने आरोपी के कब्जे से जम्मू और कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों को आगे बढ़ाने में उसकी संलिप्तता को दशार्ने वाले विभिन्न आपत्तिजनक डॉक्यूमेंट्स भी बरामद किए.
यह मामला एनआईए द्वारा 21 जून 2022 को स्वत: संज्ञान में दर्ज किया गया था. यह पाक में स्थित अपने कमांडरों के साथ मिलकर विभिन्न अभियुक्त आतंकी संगठनों के कैडरों और ओवर ग्राउंड वर्कर्स (ओजीडब्ल्यू) द्वारा रची गई साजिशों से संबंधित है. इसमें नशीले पदार्थों, नकदी, हथियारों, इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइसेस (आईईडी), जिसमें रिमोट कंट्रोल से चलने वाले स्टिकी बम/चुंबकीय बम शामिल हैं, की विशाल खेपों का भंडारण और वितरण शामिल है.
एनआईए की जांच के अनुसार, जम्मू और कश्मीर में आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए आईईडी और विस्फोटक अक्सर ड्रोन से वितरित किए जा रहे हैं और क्षेत्रीय स्तर पर भी इकट्ठा किए जा रहे हैं. हमलों में मुख्य रूप से अल्पसंख्यकों और सुरक्षा बलों के जवानों को निशाना बनाया जाता है.
शांति और सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने, आतंकी गतिविधियों में शामिल होने और हिंदुस्तान गवर्नमेंट के विरूद्ध युद्ध छेड़ने के व्यापक उद्देश्य के साथ एन्क्रिप्टेड सोशल मीडिया का उपयोग करते हुए भौतिक और साइबर स्पेस दोनों जगहों पर षड्यंत्र रची जा रही है.
मामले में आगे की जांच जारी है.