कहते हैं कि समय से अधिक ताकतवर इस दुनिया में कोई भी चीज नहीं है। समय की मार के चलते ही दुनिया के बड़े-बड़े साम्राज्य मिट्टी में मिल गए। हर आदमी या चीज, जिसके लिए समझा जाता था कि वो शाश्वत है, उसे समय ने दिखा दिया कि उससे अधिक शाश्वत इस दुनिया में कोई भी चीज नहीं है। ऐसी ही एक स्थान यूनाइटेड अरब अमीरात (United Arab Emirates) में है। यहां का ये कसबा ‘भूतिया गांव’ (‘ghost town’ of Al Madam) के नाम से जाना जाता है क्योंकि अब यहां कोई नहीं रहता।
अल मदाम नाम के इस गांव को धंसा हुआ गांव (Buried Village of Al Madam) कहते हैं। वो इसलिए क्योंकि ये रेगिस्तान में समा चुका है। काफी वर्षों पहले इस गांव में अल कुतबी जनजाति (Al Kutbi tribe) के लोग रहा करते थे। अल मदाम के पास रहने वाली ये 3 प्रमुख जनजातियों में से एक है। ये तो कोई नहीं जानता कि इस गांव में क्या हुआ। क्यों यहां से लोग चले गए और कैसे गांव रेगिस्तान के कब्जे में आ गया।
ऐसा माना जाता है कि गांव पर जिन्नों ने हमला कर दिया। उन्हीं के डर से लोग यहां से भाग गए। दूसरा कारण रेगिस्तान को माना जाता है। कोई नहीं जानता कि लोग यहां से क्यों गए मगर अब कई दशकों से गांव रेगिस्तान के अंदर समाया हुआ और एकदम सुनसान सा है। गांव के अंदर यात्रा करने पर आपको कई घर छत तक रेत में धंसे मिलेंगे तो कुछ आधे ढके। उनके अंदर रेत पूरी तरह से घुस गई है। टाइम्स ऑफ इण्डिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक जो लोग गांव में गए हैं उन्होंने ये भी दावा किया है कि यहां नकारात्मक ऊर्जा मेहसूस होती है।
दुबई से केवल 60 किलोमीटर दूर है गांव
एमिरात में वर्ष 1970 और 1980 के दशक में कई प्रोजेक्ट के जरिए घरों को बनाने का काम हुआ। मगर फिर लोग यहां से चले क्यों गए ये आज भी राज है। जो कभी लोगों के बेडरूम और डाइनिंग रूम रहे होंगे, वो आज केवल रेत से कई फीट तक भरे हुए हैं। आपको बता दें कि ये गांव दुबई-हाटा रोड पर स्थित है। दुबई से केवल 60 किलोमीटर और शारजाह से 50 कीलोमीटर इस स्थान की दूरी है। टूरिस्ट इस गांव को एक्सप्लोर करने के लिए यहां जाते रहते हैं।