अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के यूक्रेन दौरे के अगले ही दिन व्लादिमीर पुतिन ने राष्ट्र को संबोधित किया है. रूसी संसद क्रेमलिन में बोलते हुए व्लादिमीर पुतिन ने बोला कि हम युद्ध को अंतिम विकल्प मानते हैं और वार्ता से ही निवारण चाहते हैं. उन्होंने बोला कि हम शांतिपूर्वक निवारण ही चाहते थे, लेकिन अमेरिका समेत पश्चिमी राष्ट्रों ने काम बिगाड़ दिया. रूसी राष्ट्रपति ने बोला कि अमेरिका ने यूक्रेन में भी वही खेल खेला है, जो उसने इराक और सीरिया जैसे राष्ट्रों में किया था. हमारी ओर से वार्ता की कोशिशें की गईं, जिसे पश्चिम ने नजरअंदाज किया. हमारे लिए युद्ध अंतिम विकल्प था, जिस पर हमें निर्णय लेना पड़ा.
पुतिन ने बोला कि हमारे लोगों की सुरक्षा अहम है और उससे समझौता नहीं कर सकते. इसके साथ ही नाटो राष्ट्रों के दखल पर भी विरोध जताई. उन्होंने बोला कि नाटो का रूस में लगातार दखल बढ़ रहा है. पश्चिम राष्ट्र अपनी ताकत में इजाफे के लिए यूक्रेन युद्ध को हवा दे रहे हैं. यूक्रेन ने भी हत्याओं को बढ़ावा दिया. यदि वह वार्ता की मेज पर आ जाता तो इतना हानि नहीं होना था. उन्होंने बोला कि रूस अपनी रक्षा करने में सक्षम है और वह पीछे नहीं हटेगा. हम कोई खून-खराबा नहीं चाहते हैं, लेकिन पश्चिम की ओर से ऐसे हालात पैदा किए जा रहे हैं.
यूक्रेन पर शांति के लिए गंभीर न होने का आरोप लगाते हुए बोला कि प्रस्तावों का उसने मजाक बनाया. इसके चलते शांति वार्ता आगे नहीं बढ़ सकीं. उन्होंने बोला कि अमेरिका तो यूक्रेन युद्ध के बहाने अपने हथियारों को बेचने की प्रयास में है. इस जंग का उपयोग पश्चिमी राष्ट्र अपने लाभ के लिए कर रहे हैं. व्लादिमीर पुतिन ने बोला कि पश्चिमी राष्ट्र रूस की संस्कृति पर हमला कर रहे हैं और प्रत्येक दिन नयी चुनौती पेश कर रहे हैं. ऐसी स्थिति में ना हम पीछे हटेंगे और ना ही हटना चाहिए.