हिंदुस्तान और इंग्लैंड के बीच राजकोट में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के दूसरे दिन बल्लेबाजी कर रही भारतीय टीम पर जुर्माना लगाया गया है। यह जुर्माना पैसों का नहीं बल्कि रनों का है। हिंदुस्तान पर पांच रन का जुर्माना लगाया गया है। घरेलू टीम के बल्लेबाजों को दूसरी बार पिच के बीच में दौड़ने का गुनेहगार पाए जाने पर अंपायर जोएल विल्सन ने यह जुर्माना लगाया। रविचंद्रन अश्विन विकेटों के बीच पिच पर दौड़ते पाए गए। अंपायर ने उन्हें चेतावनी दी और पांच रन का जुर्माना लगाया। इंग्लैंड जब अपनी पारी प्रारम्भ करेगा तो उसके खाते में पहले से ही पांच रन जुड़े होंगे। अंपायर ने पिच के बीच में दौड़ लगाने के लिए पहले दिन रवींद्र जडेजा को भी चेतावनी दी थी।
पिच के बीच में दौड़ने पर लगा जुर्माना
यह घटना खेल के दूसरे दिन भारतीय पारी के 102वें ओवर में घटी। लेग स्पिनर रेहान अहमद ने रविचंद्रन अश्विन को एक फ्लाइटेड गेंद फेंकी। उन्होंने इसे ऑफ साइड की ओर धकेल दिया और सिंगल लेने के लिए निकल पड़े। नॉन-स्ट्राइकर पर खड़े ध्रुव जुरेल ने उन्हें वापस भेज दिया। अश्विन रन लेने के लिए पिच के बीच में ही दौड़ पड़े थे। अंपायर ने उन्हें चेतावनी दी और पांच पेनल्टी रन का संकेत दे दिया। हालांकि अश्विन ने अंपायर को समझाने का कोशिश किया, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ।
पांच पेनल्टी रन का क्या है मतलब
भारत पर जो पांच पेनल्टी रन का जुर्माना लगा है, उसका मतलब यह है कि इंग्लैंड की पारी जब प्रारम्भ होगी तो वह पांच रन उसके खाते में जुड़े हुए रहेंगे। ये पांच रन हिंदुस्तान के कुल योग से काटे नहीं जाएंगे। यह पांच रन इंग्लैंड के किसी भी बल्लेबाज के पर्सनल स्कोर में नहीं जोड़ा जाएगा, बल्कि टीम के खाते में जोड़ा जाएगा। यदि फिल्डिंग कर रही इंग्लैंड की टीम पर यह जुर्माना लगाया जाता तो इसे तुरंत हिंदुस्तान के कुल योग में जोड़ दिया जाता। ये रन अतिरिक्त रन के खाते में जोड़ा जाता है।
पिच के बीच में दौड़ने पर क्यों है प्रतिबंधित
पिच के बीच में दौड़ना ‘अनफेयर प्ले’ के भीतर आता है। एमसीसी कानून 41.14 में इसका उल्लेख किया गया है। पिच के बीच से दौड़ना पिच को हानि पहुंचाने का कोशिश माना जाता है। चाहे जानबूझकर कर किया गया हो या अनजाने में पिच के बीच में दौड़ना बल्लेबाज और फिल्डर दोनों के लिए इंकार है। ऐसा इसलिए किया जाता है कि पिच की इसी क्षेत्र में अधिकांश गेंदे गिरती हैं। पिच खराब होने की स्थिति में गेंदबाजों को गेंदबाजी करने में काफी कठिनाई होगी।
क्या सिर्फ़ अश्विन हैं दोषी
अगर देखा जाए तो इस पांच रन के पेनल्टी में रवींद्र जडेजा को गुनाह भी उतना ही है, जितना अश्विन का। खेल के पहले दिन अंपायर ने जडेजा को पिच के बीच में दौड़ने पर चेतावनी दी थी। यह चेतावनी किसी एक बल्लेबाज के लिए नहीं होती है। यह पहली और अंतिम चेतावनी पूरी टीम के लिए होती है। इसके बाद यदि कोई दूसरा खिलाड़ी भी वहीं गलती करते पाया जाता है तो पेनल्टी लगाई जाती है। दूसरे दिन अश्विन ने इस गलती को दुहराई थी।