क्रिकेट जगत में कई बड़े-बड़े धुरंधर बल्लेबाज और गेंदबाज देखने को मिले हैं। जिन्होंने रनों का पहाड़ खड़ा कर दिया, फिर चाहे बात वनडे की हो, टी20 की या फिर टेस्ट की। लेकिन जहां एक खिलाड़ी टी20 और वनडे प्रारूप में अपनी उम्र के साथ समझौता कर सकता है, उसी प्लेयर को टेस्ट क्रिकेट में कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। हम ऐसे 3 कद्दावर खिलाड़ियों के बारे में बात करने जा रहे हैं, जिनके नाम क्रिकेट जगत में कई बड़े रिकॉर्ड्स दर्ज हैं। लेकिन एक ऐसा दौर आया जब टेस्ट क्रिकेट में बढ़ती उम्र में उनकी पॉवर को ही वीकनेस बना दिया।
वसीम अकरम- बल्लेबाजों की तुलना में गेंदबाजों पर उम्र का अधिक असर देखने को मिलता है। ऐसा ही कुछ हुआ था पाक के पूर्व कद्दावर वसीम अकरम के साथ। स्विंग के सुल्तान ने जवानी में अपनी धारधार गेंदबाजी से कई बड़े-बड़े धुरंधरों को पस्त कर दिया था। लेकिन उम्र बढ़ने के साथ उनकी गेंदबाजी फीकी पड़ गई। 1985 में डेब्यू करने वाले अकरम 1999 तक अपना पैर जमा चुके थे। उन्होंने इस दौरान 91 टेस्ट में 383 विकेट अपने नाम कर लिए थे। इस बीच उन्होंने 22 बार पंजा खोला था। लेकिन जब वह 35 वर्ष के हुए तो उन्होंने 13 मैच में महज 31 विकेट ही लिए। जिसके बाद 2002 में उन्होंने टेस्ट से संन्यास ले लिया था।