लवलीना ने ट्विटर पर लिखा- आज मैं बड़े दुख के साथ कहती हूं कि मेरे साथ बहुत प्रताड़ना हो रही है. हर बार मेरे कोच, जिन्होंने मुझे ओलंपिक में पदक लाने में सहायता की, उन्हें बार-बार हटा कर मेरी ट्रेनिंग और मेरे कॉम्पिटिशन में दखल डालते हैं और मुझे प्रताड़ित करते हैं. इनमें से मेरी एक कोच संध्या गुरुंग द्रोणाचार्य अवॉर्ड से सम्मानित भी हैं. मेरे दोनों कोच को कैंप में भी ट्रेनिंग के लिए हजार बार हाथ जोड़ने के बाद बहुत लेट से शामिल किया जाता है.
लवलीना ने लिखा- मुझे इससे ट्रेनिंग में बहुत परेशानियां उठानी पड़ती हैं और मानसिक प्रताड़ना तो होती ही है. अभी मेरी कोच संध्या गुरुंग कॉमनवेल्थ विलेज (खेल गांव) के बाहर हैं और उन्हें एंट्री नहीं मिल रही है और मेरी ट्रेनिंग मेरे मैच के आठ दिन पहले रुक गई है. मेरे दूसरे कोच को भी वापस भेज दिया गया है. मेरी इतनी प्रार्थना के बाद भी ये हुआ, इससे मुझे बहुत मानसिक प्रताड़ना हुई है. मुझे समझ में नहीं आ रहा कि मैं अपने गेम पर कैसे फोकस करूं. लवलीना ने लिखा- इसके चलते मेरी पिछली वर्ल्ड चैंपियनशिप भी खराब हुई थी. इस राजनीति की वजह से मैं राष्ट्रमंडल खेलों में अपने प्रदर्शन को खराब नहीं करना चाहती हूं. आशा करती हूं कि मैं मेरे राष्ट्र के लिए इस राजनीति को तोड़कर पदक ला पाऊं. जय हिंद.
लवलीना ने पिछले वर्ष टोक्यो ओलंपिक में हिंदुस्तान के लिए कांस्य पदक जीता था. उन्होंने ओलंपिक में 69 किग्रा भार वर्ग में चीनी ताइपे की पूर्व विश्व चैंपियन निएन चिन चेन को 4-1 से हराकर ओलंपिक में अपना पदक पक्का किया था.
लवलीना ने ये आरोप किस पर लगाए हैं, अब तक यह साफ नहीं हो पाया है. हालांकि, इससे यह साफ है कि खेल गांव में उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है. जानकारी के मुताबिक, बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इण्डिया यानी बीएफआई ने खिलाड़ियों और स्टाफ की जो पहली लिस्ट भेजी थी, उसमें संध्या गुरुंग का नाम नहीं था.