भारतीय टीम ने नागपुर में कमाल का प्रदर्शन करते हुए ऑस्ट्रेलिया को सीरीज के पहले टेस्ट मैच में पारी और 132 रनों से हरा दिया। वीसीए स्टेडियम में खेले गए बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी सीरीज के इस मुकाबले में टीम इण्डिया ने तीसरे ही दिन जीत दर्ज की। इसी के साथ मेजबानों ने सीरीज में 1-0 की बढ़त भी बना ली। धुरंधर ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा को मैन ऑफ द मैच चुना गया जिन्होंने 70 रन बनाए और दोनों पारियों में कुल 7 विकेट झटके। मैच के बाद उन्होंने अपना प्लान सभी के सामने बता दिया।
भारतीय टीम की बड़ी जीत
अनुभवी ओपनर रोहित शर्मा के नेतृत्व में खेल रही भारतीय टीम ने शनिवार को बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी टेस्ट सीरीज का शुरुआती मैच तीसरे ही दिन जीत लिया। ऑस्ट्रेलियाई टीम की पहली पारी 177 रन पर सिमट गई जिसके बाद भारतीय टीम ने कप्तान रोहित शर्मा (120) के शतक और रवींद्र जडेजा (70) और अक्षर पटेल (84) की दमदार पारियों की बदौलत 400 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया टीम की दूसरी पारी महज 91 रन पर समाप्त हो गई।
जडेजा को ऑस्ट्रेलियाई टीम की कमजोरी पता थी
नागपुर टेस्ट में बल्ले और गेंद से घमासान मचाने वाले ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा (Ravindra Jadeja) ने जीत के बाद बोला कि उन्हें ऑस्ट्रेलियाई टीम के बल्लेबाजों की कमजोरी पता थी। जडेजा ने इसी का भरपूर लाभ उठाया। उन्होंने पहली पारी में 5 बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा जिसके बाद बल्ले से दमदार प्रदर्शन करते हुए 70 रन बनाए। फिर दूसरी पारी में रवींद्र जडेजा ने 2 बल्लेबाजों- मार्नस लाबुशेन और कप्तान पैट कमिंस को शिकार बनाया। उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया।
एनसीए को दिया श्रेय
रवींद्र जडेजा ने कहा, ‘मैं अच्छे एरिया में गेंदबाजी करना चाहता था। गेंद स्पिन कर रही थी, सीधी जा रही थी और नीची भी रह रही थी। मुझे पता है कि ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज स्वीप और रिवर्स स्वीप खेलना पसंद करते हैं। इसका मैंने लाभ उठाया। 5 महीने बाद गेंद और बल्ले से अपना सौ फीसदी देना बहुत बढ़िया लग रहा है। जब मैं एनसीए में था, तब कड़ी मेहनत कर रहा था। एनसीए के सभी कर्मचारी, फिजियो, ट्रेनर मेरे साथ पूरी शिद्दत से लगे थे।’ उन्होंने साथ ही बोला कि घुटने की सर्जनी के बाद करीब पांच महीने क्रिकेट से दूर रहने के बाद वापसी स्वप्निल रह