सौ टेस्ट खेलने वाला केवल 12वां हिंदुस्तानीय क्रिकेटर बनने की मौजूदि हासिल करने वाले विराट कोहली ने शुक्रवार को कहा कि वह चाहते हैं कि ‘अगली पीढ़ी’ इस तथ्य से प्रेरणा ले कि वह बहुत व्यस्त अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम के बीच तीनों प्रारूपों में खेलने के बावजूद यह मौजूदि हासिल कर पाए. हिंदुस्तानीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने इस स्टार क्रिकेटर को शुक्रवार को यहां उनके 100वें टेस्ट के मौके पर सम्मानित किया. कोहली ने यहां श्रीलंका के विरूद्ध पहले टेस्ट के लिए उतरकर यह मौजूदि हासिल की. मुख्य कोच राहुल द्रविड़ द्वारा सम्मानित किए जाने के बाद कोहली ने कहा, ‘वर्तमान समय में हम तीनों प्रारूपों और आईपीएल में जितना क्रिकेट खेल रहे हैं उसे देखते हुए अगली पीढ़ी मेरे से यह सीख ले सकती है कि मैंने शीर्ष प्रारूप में 100 टेस्ट मैच खेले.‘
जैविक रूप से सुरक्षित माहौल से जुड़ी पाबंदियों के कारण द्रविड़ ने कोहली को स्मारिका कैप और चमचमाता स्मृति चिन्ह सौंपा. इस दौरान कोहली की अभिनेत्री पत्नी एवं अभिनेत्री अनुष्का लज्जाा और भाई विकास कोहली भी स्टैंड में उपस्थित थे. कोहली ने कहा, ”यह मेरे लिए विशेष लम्हा है. मेरी पत्नी यहां है और मेरा भाई भी. सभी को काफी गर्व है. यह टीम खेल है और यह आपके बिना संभव नहीं हो पाता.” कोहली ने कहा, ”आरंभ में हिंदुस्तानीय क्रिकेट का अगुवाई करने का मौका मुझे देने के लिए बीसीसीआई को भी धन्यवाद और इसके बाद सब कुछ लगातार मजबूत होता चला गया.” उन्होंने कहा, ”मैं इसे (सम्मान) इससे बेहतर आदमी से नहीं ले सकता था, मेरे बचपन के नायकों में से एक. मेरे घर में अब भी अंडर-15 के समय की देशीय क्रिकेट अकादमी की तस्वीर है जहां मैं आपको देख रहा हूं और आपके साथ तस्वीर खिंचवा रहा हूं और मैंने आज अपनी 100वीं टेस्ट कैप आपसे ली. बेसंदेह यह बहुत बढ़िया यात्रा रहा और आशा करता हूं कि यह आगे भी जारी रहेगा.”