बड़े शहरों में इन वनों के विकसित होने पर पर्यटकों को नेचुरल पिकनिक स्पॉट का एक विकल्प मिलेगा. साथ ही सीएम की मंशा के मुताबिक इको टूरिज्म के दायरे का भी विस्तार होगा. इन सिटी फारेस्ट से क्षेत्रीय स्तर पर रोजी-रोटी के अवसर मौजूद होंगे. हर सिटी फॉरेस्ट के लिए केंद्र की ओर से निधारित 2 करोड़ रुपए की रकम में से 1.40 करोड़ रुपए की रकम राज्य गवर्नमेंट को जारी कर दी गई है. जल्द ही यह रकम संबंधित जिलों को काम प्रारम्भ कराने के लिए मौजूद करा दी जाएगी.
प्रदेश गवर्नमेंट विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर 5 जून को इसके लिए बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण की आरंभ कर देगी. शहरों में विकसित होने वाले ये वन क्षेत्र बाउंड्री या बाड़ से घिरे होंगे. इनमें स्मृति वन, आरोग्य वाटिका, नक्षत्र वाटिका और हरिशंकरी वाटिका बनाई जाएगी. जैव-विविधता के लिए इसमें सभी प्रकार की सजावटी, झाड़ियां, बेलदार, औषधीय पौधे, फूल और फलों के पौधे लगाए जाएंगे. यहां एडवेंचर स्पोर्ट्स, साइकिल ट्रेक, पाथवेज, ओपेन जिम, जागर्स पार्क, बेंच समेत जनसुविधाएं भी विकसित की जाएंगी.गौरतलब है कि पिछले कार्यकाल में योगी गवर्नमेंट ने वन महोत्सव के दौरान हर वर्ष अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा. नतीजतन कुल मिलाकर वन एवं अन्य विभागों और काश्तकारों ने मिलकर इस दौरान 101.4 करोड़ पौधे लगाए गए. योगी गवर्नमेंट 2.0 में भी इन योजनाओं का सिलसिला जारी रहेगा.
पूर्वजों के नाम पर पौधरोपण जैसी योजनाएं प्रारम्भ की गई