गुजरात विधानसभा चुनाव के पहले चरण में वर्ष 2017 के मुकाबले 5 प्रतिशत कम मतदान हुआ। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि 8 दिसंबर को यह किसके पक्ष में जाता है। किस पार्टी को इससे फायदा होगा। 1 दिसंबर को शाम 5 बजे तक करीब 63 प्रतिशत मतदान हुआ। जबकि, वर्ष 2017 में 68 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ था और वर्ष 2012 में करीब 72 प्रतिशत था। पहले चरण के चुनाव में कम मतदान होने की कई वजह बताई जा रही हैं। कोई कह रहा है कि गुजराती मतदाताओं में उत्साह कम था, मतदान वीकडे पर था। हालांकि, उस दिन सरकारी छुट्टी थी।
इधर, इस कम मतदान को लेकर भाजपा के नेता किसी भी तरह की चिंता से इनकार कर रहे हैं। उनका दावा है कम मतदान का मतलब एंटी-इनकमबेंसी कतई नहीं है। यदि एंटी-इनकमबेंसी होती मतदाता बढ़-चढ़कर मतदान करते। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने News18 से बोला कि हमारी पार्टी के मतदाता तो वोट देने आए, लेकिन हो सकता है कि कांग्रेस पार्टी के मतदाताओं ने मतदान न किया हो। क्योंकि विपक्ष का चुनाव प्रचार हताशा भरा था।
दर गिरने से भाजपा को नुकसान- कांग्रेस
दूसरी तरफ, कांग्रेस पार्टी का बोलना है कि वोट की रेट गिरने से भाजपा की सीटें कम हो जाती हैं। पार्टी के नेताओं ने बोला जब 2012 के पहले चरण के मतदान में मतदान 72 प्रतिशत से गिरकर 68 प्रतिशत पर आया तो भाजपा की सीटें भी गिरकर 63 से 48 हो गईं। जबकि, कांग्रेस पार्टी को 16 सीटों का लाभ हुआ था। कांग्रेस पार्टी ने दावा किया कि भाजपा के मतदाता पार्टी से आक्रोश के चलते मतदान करने घरों से नहीं निकले।
मतदाताओं ने अभूतपूर्व काम किया- मुख्यमंत्री केजरीवाल
इस बीच, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर बोला कि पहले चरण के चुनाव में गुजराती मतदाताओं ने अभूतपूर्व काम किया है। उन्होंने बदलाव के लिए मतदान किया। इस पर एक कांग्रेसी ने बोला कि बदलाव तो होगा, लेकिन कांग्रेस पार्टी के लिए। बता दें, पहले चरण के मतदान में गुजरात के हर जिले में मतदान की रेट पिछले चुनाव के मुकाबले कम हुई।
बीजेपी ने झोंक दी पूरी ताकत
गौर करने लायक बात यह है कि मतदान की रेट तब गिरी है, जब पीएम नरेंद्र मोदी ने धुआंधार 30 रैलियां और जबरदस्त रोड शो किया। जबकि, कांग्रेस पार्टी के नेता राहुल गांधी महज एक दिन के लिए गुजरात आए और सिर्फ दो रैलियां कीं। कांग्रेस पार्टी ने इस चुनाव में घर-घर दस्तक देकर चुनाव प्रचार किया। जबकि, आप ने इस चुनाव को त्रिकोणीय बना दिया है। उसने अपना सीएम चेहरा भी घोषित कर दिया था।