आम आदमी पार्टी नेता मनीष सिसौदिया के वकील ने दिल्ली न्यायालय के समक्ष जमानत बांड दाखिल किया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, नेता को आज (शुक्रवार) तिहाड़ कारावास से रिहा किया जाएगा. दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 26 फरवरी, 2023 को के निर्माण और कार्यान्वयन में कथित अनियमितताओं के लिए अरैस्ट किया था. अब रद्द की गई दिल्ली आबकारी नीति 2021-22. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उन्हें 9 मार्च, 2023 को CBI की एफआईआर से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मुद्दे में अरैस्ट किया.
उन्होंने 28 फरवरी, 2023 को दिल्ली कैबिनेट से त्याग-पत्र दे दिया था. सिसोदिया ने यह कहते हुए जमानत मांगी थी कि वह 17 महीने से हिरासत में हैं और उनके विरुद्ध केस अभी तक प्रारम्भ नहीं हुआ है. प्रवर्तन निदेशालय और CBI ने उनकी जमानत याचिका का विरोध किया था. दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को उच्चतम न्यायालय से जमानत मिलने के बाद आम आदमी पार्टी (आप) कार्यालय और उनके आवास पर उत्सव मनाया गया. आबकारी नीति मुद्दे में अरैस्ट किए गए सिसोदिया 17 महीने बाद कारावास से बाहर आएंगे. सिसोदिया के आवास पर उनकी पत्नी सीमा सिसोदिया और परिवार के अन्य सदस्यों ने आगंतुकों को मिठाइयां बाटीं. इस दौरान वे सभी बहुत खुश नजर आए. दिल्ली के दीन दयाल उपाध्याय मार्ग पर स्थित आप मुख्यालय ढोल-नगाड़ों से गूंज उठा.
आप ने मनीष सिसोदिया को जमानत दिए जाने के सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को ‘‘सत्य की जीत’’ करार देते हुए शुक्रवार को आशा जताई कि कारावास में बंद पार्टी के अन्य नेताओं को भी ‘‘न्याय मिलेगा.’’ सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली की आबकारी नीति में कथित घोटाले से जुड़े करप्शन और धनशोधन के मामलों में आम आदमी पार्टी (आप) के नेता मनीष सिसोदिया को शुक्रवार को जमानत दी और बोला कि वह 17 माह से हिरासत में हैं.